नई दिल्ली
बजट 2023 में मिडल क्लास की बल्ले-बल्ले हो गई है। इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। इनकम टैक्स स्लैब की संख्या घटाकर 5 कर दी गई है। पर्सनल इनकम पर नए टैक्स स्लैब की घोषणा करते हुए सीतारमण ने कहा कि 3 से 6 लाख रुपये सालाना आय वालों को 5% टैक्स देना होगा। 6 से 9 लाख रुपये आय पर इनकम टैक्स की दर 10% होगी। 9 लाख रुपये से 12 लाख रुपये पर 15% टैक्स, 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये 20% और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगेगा। इनकम टैक्स रिबेट को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है। बजट पेश करते हुए सीतारमण ने सीनियर सिटिजंस और महिलाओं को भी गुड न्यूज दी। वरिष्ठ नागरिक खाता स्कीम की सीमा 4.5 लाख से 9 लाख की जाएगी। वहीं, महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू होगी। इसमें महिलाओं को 2 लाख की बचत पर 7.5% का ब्याज मिलेगा।
बजट 2023: नया इनकम टैक्स स्लैब इस प्रकार है
सालाना इनकम टैक्स स्लैब
0 से 3 लाख रुपये 0%
3 से 6 लाख रुपये 5%
6 से 9 लाख रुपये 10%
9 से 12 लाख रुपये 15%
12 से 15 लाख रुपये 20%
15 लाख रुपये से ज्यादा 30%
बजट 2023: क्या-क्या छूट मिल सकती है?
छूट सीमा और मानक कटौती में फेरबदल करने के अलावा वित्त मंत्रालय 80सी के अंतर्गत निवेश छूट सीमा बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। इसमें जीवन बीमा, एफडी, बॉन्ड, आवासीय और पीपीएफ व अन्य सेवाएं आती हैं। फिलहाल इसके तहत 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर छूट है। सूत्रों ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए भुगतान पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार निवेशकों को लाभ पहुंचाने के लिए पूंजीगत लाभ कर नियमों को भी आसान कर सकती है। इससे मध्यम वर्ग के निवेशकों को लाभ होगा।
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने मांग है कि 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत के बीच 10 प्रतिशत का टैक्स स्लैब वापस लाया जाए। इसके अलावा 10 लाख तक अधिकतम 10 प्रतिशत और उसके बाद कॉरपोरेट टैक्स की तरह अधिकतम 25 प्रतिशत टैक्स होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृद्ध टैक्सपेयर को उनके टैक्स के आधार पर ओल्ड ऐज बेनिफिट मिलना चाहिए। टैक्सपेयर की वृद्धावस्था में पिछले सालों में दिए गए इनकम टैक्स के हिसाब से उसे सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट बेनिफिट की भी सुविधा मिले।
एक्सपर्ट्स ने बताया टैक्स स्लैब में बदलाव का क्या मतलब?
एक्सपर्ट इंडिया टुडे ग्रुप के रोहित सरन ने टैक्स स्लैब में ऐलान को कुछ प्वाइंट्स में ही आसान भाषा में समझाया है. जिससे नई और पुरानी स्लैब का कन्फ्यूजन दूर हो सके.
1. अगर आप नई टैक्स प्रणाली के अंतर्गत अपना इनकम टैक्स भर रहे हैं, तो सरकार द्वारा स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50000 से बढ़ाकर 52500 प्रति साल कर दिया गया है. अधिकतम टैक्सपेयर अभी भी पुरानी टैक्स प्रणाली के तहत ही अपना टैक्स भरते हैं, क्योंकि उसमें कई छूट (होम लोन, घर का किराया और अन्य) मिलती हैं जो नई प्रणाली में नहीं मिलती हैं.
2. 7 लाख रुपये तक सालाना कमाई करने वाले लोगों को अब ज़ीरो टैक्स देना होगा. ऐसा तब होगा जब वह अपना टैक्स नई प्रणाली के अंतर्गत भरते हैं और अपनी बचत से जुड़ी सभी जानकारी सरकार को देते हैं.
3. भारत में सर्वाधिक इनकम टैक्स 42.7 फीसदी है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. इसे अब 39 फीसदी तक ला दिया गया है, जो कि अगले वित्तीय वर्ष से लागू किया जाएगा. ध्यान रहे कि यह टैक्स 5 करोड़ सालाना कमाने वाले लोगों को देना होता है.
4. अगर आप 9 लाख रुपये प्रति साल तक कमाते हैं, तब सालाना आपको 45 हज़ार रुपये तक टैक्स देना पड़ सकता है. यानी आप 5 फीसदी इनकम टैक्स दे रहे हैं.
