9.3 C
London
Wednesday, March 25, 2026
Homeभोपाल2023 से पहले बीजेपी-कांग्रेस का लिटमस टेस्ट, 11 निगमों में खिला रहेगा...

2023 से पहले बीजेपी-कांग्रेस का लिटमस टेस्ट, 11 निगमों में खिला रहेगा कमल?

Published on

भोपाल

एमपी में 11 नगर निगमों समेत 133 नगरीय निकायों में मतों की गणना शुरू हो गई है। इसके रूझान भी आने लगे हैं। सबकी निगाहें मेयर पद के उम्मीदवारों पर टिकी है। 11 नगर निगमों पर अभी बीजेपी का कब्जा है। इस बार कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दी है। इस नतीजे को 2023 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया जा रहा है। निकाय चुनाव के नतीजों से यह संकेत मिलने लगेंगे कि 2023 में किसका पलड़ा भारी रहेगा। चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

इसके साथ ही कुछ जगहों पर चुनावी मैदान में आप और एआईएमआईएम ने भी टक्कर दी है। नतीजे इन दोनों दलों की स्थिति भी एमपी में स्पष्ट करेगी। मतों की गणना शुरू होते ही सबकी निगाहें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर पर है। ये चारों बड़े नगर निगम हैं। इन चार नगर निगमों में 20 से अधिक विधानसभा की सीटें हैं। ग्वालियर और भोपाल में महिला उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। वहीं, जबलपुर और इंदौर में पुरुष उम्मीदवारों में मुकाबला है।

बीजेपी ने बदल दिया है चेहरा
इस बार नगरीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने बड़ा दांव चला है। सभी नगर निगमों और नगरीय निकायों में चेहरा बदल दिया है। इस बार बड़े नगर निगमों में बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ताओं पर दांव लगाया है। इंदौर से बीजेपी उम्मीदवार पुष्यमित्र भार्गव की जीत के लिए बीजेपी के दिग्गजों ने पूरा दमखम लगाया है। साथ ही नाराज लोगों की नाराजगी भी दूर करने की कोशिश की है।

कमलनाथ अकेले चेहरा
नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने भी पूरा जोर लगाया है। बड़े नेताओं में पार्टी की तरफ से सबसे ज्यादा पूर्व सीएम कमलनाथ ही एक्टिव रहे हैं। कमलनाथ ने लगातार चुनावी क्षेत्रों में रोड शो किया है। साथ ही स्थानीय मुद्दों के आधार पर बीजेपी को घेरते रहे हैं। भोपाल से कांग्रेस ने विभा पटेल को मेयर उम्मीदवार बनाया था। वहीं, इंदौर में विधायक संजय शुक्ल को उम्मीदवार बनाया है।

बीजेपी के लिए साख बचाने की चुनौती
दरअसल, आज जिन 11 नगर निगमों के नतीजे आएंगे, उन सभी पर बीजेपी का कब्जा है। इन सीटों पर 2014 में निकाय चुनाव हुए थे। कोरोना की वजह से दो साल से चुनाव नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन सीटों पर साख बची रह जाए। यही वजह है कि इन सीटों पर जीत हासिल करने के लिए प्रदेश से लेकर केंद्रीय स्तर तक के नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी थी।

नतीजों पर निर्भर है कांग्रेस का भविष्य
अभी कांग्रेस के पास प्रदेश में एक भी मेयर है। ऐसे में इस बार कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ी है। पूर्वानुमानों के अनुसार कुछ जगहों पर कांग्रेस उम्मीदवार टक्कर में हैं। नतीजे अगर नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में आते हैं तो 2023 के चुनावों में कांग्रेस के कार्यकर्ता जोश से लबरेज होंगे।

सत्ता का सेमीफाइनल है यह चुनाव
दरअसल, 2023 में एमपी विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। 2018 में चंद सीटों के कारण बीजेपी सत्ता से दूर रह गई थी। बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगावत के बाद बीजेपी सत्ता में आ गई। 2023 विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हो रहे निकाय चुनाव को सत्ता के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। जिस दल के पक्ष में नतीजे आएंगे, उनके लोगों को मनोवैज्ञानिक बढ़त ज्यादा मिलेगी।

Latest articles

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

More like this

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...