7.5 C
London
Saturday, January 17, 2026
HomeUncategorizedदुनियाभर में कहर बरपा रही महंगाई, लोगों को खाने के पड़ रहे...

दुनियाभर में कहर बरपा रही महंगाई, लोगों को खाने के पड़ रहे लाले, जानिए क्या है देशों का हाल

Published on

नई दिल्ली

दुनियाभर में आसमान छूती महंगाई के बीच लोगों को सबसे ज्यादा परेशान खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें कर रही हैं। विकासशील देशों के अलावा सिंगापुर जैसी उन्नत अर्थव्यवस्था वाला देश भी इसकी मार से अछूता नहीं है। घरेलू कीमतों को काबू में करने के लिए कई देशों ने खाद्य निर्यातपर पाबंदी लगा दी है। मलेशिया ने पिछले महीने जिंदा ब्रॉइलर चिकन के निर्यात पर रोक लगा दी। मलेशिया से बड़ी संख्या में पोल्ट्री का आयात करने वाला सिंगापुर भी इस फैसले से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

तेल से लेकर चिकन तक की कीमतें बढ़ीं
तेल से लेकर चिकन तक की कीमतें बढ़ने से खानपान कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी दाम बढ़ाने पड़े हैं। इस वजह से लोगों को खानपान की चीजों के लिए 10-20 फीसदी तक ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को समान मात्रा की वस्तु के लिए या तो ज्यादा रकम देनी पड़ रही है या फिर अपने खानपान में कटौती करनी पड़ रही है।

लेबनान में भोजन के लिए दी जा रही नकदी
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम लोगों को भोजन खरीदने के लिए नकदी दे रहा है। बेरुत की रहने वाली ट्रेसी सलिबा कहती हैं, ‘‘मैं अब केवल आवश्यक सामान और भोजन ही खरीद रही हूं।’’ आर्थिक अनुसंधान एजेंसी कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुताबिक उभरते बाजारों में खाद्य वस्तुओं की कीमतें इस वर्ष करीब 14 फीसदी और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सात फीसदी से अधिक बढ़ी हैं।

सूडान में 245 फीसदी पर पहुंची महंगाई दर
सूडान में हालात बेहद खराब हैं, जहां मुद्रास्फीति इस वर्ष 245 फीसदी के अविश्वसनीय स्तर तक पहुंच सकती है। वहीं, ईरान में भी मई के महीने में चिकन, अंडे और दूध के दाम 300 फीसदी तक बढ़ चुके है। अकाल, आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दे, ऊर्जा के ऊंचे दाम और उर्वरक की कीमतों के कारण दुनियाभर में खाद्य वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसकी ज्यादा मार विकासशील देशों के निम्न वर्ग के लोगों पर पड़ रही है। इन लोगों के लिए भरपेट खाने का इंतजाम कर पाना भी मुश्किल हो गया है।

पिछले साल 2.3 अरब लोगों को करना पड़ा था भुखमरी का सामना
एजेंसी ने अनुमान जताया है कि अधिक मुद्रास्फीति के कारण विकसित बाजारों में इस साल और अगले साल भी खान-पान की वस्तुओं पर परिवारों को सात अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। विश्व खाद्य कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र की चार अन्य एजेंसियों की वैश्विक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष 2.3 अरब लोगों को गंभीर या मध्यम स्तर की भुखमरी का सामना करना पड़ा था।

Latest articles

महंगाई भत्ते से वंचित होने पर जताया आक्रोश कर्मचारियों का प्रदर्शन

भोपाल।राज्य मंत्रालय सहित पूरे प्रदेश में सोमवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। तृतीय वर्ग...

आयकर विभाग का गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों पर छापा

इंदौर।इंदौर स्थित बीओआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर्स के आवासों...

तलवार और पत्थर से हमला कर हत्या की कोशिश

भोपाल।कमला नगर थाना क्षेत्र में एक युवक पर तलवार और पत्थर से हमला कर...

चलती बाइक से छात्र को गिराकर पीटा

भोपाल।निशातपुरा थाना क्षेत्र में एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है।...

More like this

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत31 मार्च तक सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक छूट

भोपाल।मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते...

भेल नगर सलाहकार समिति की बैठक में टाउनशिप की समस्याए उठी

भेल भोपाल ।नर्मदा गेस्ट हाउस, बरखेड़ा स्थित देवी अहिल्या बाई सभागृह में नगर सलाहकार...

अभ्युदय मप्र क्विज के पहले दिन 10 हजार प्रतिभागी हुए शामिल

भोपाल।भय नहीं, भ्रम नहीं पूरा विश्वास, विरासत के साथ विकास के मूलमंत्र पर आयोजित...