लखनऊ
मानसून के तीन माह बीत चुके हैं। सिर्फ एक जिले को छोड़कर पूरे यूपी में सूखे के हालात हैं। पूरब से लेकर पश्चिम तक पूरा राज्य सामान्य वर्षा के लिए तरस रहा है। भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर मंगलवार की शाम छह बजे तक के ताजा आंकड़ें हैं उसके मुताबिक राज्य के 18 जिले ऐसे हैं जहां इस मानसून में अब तक सामान्य से 60 से 78 फीसदी तक कम बरसात हुई है। ये सभी जिले यलो जोन में हैं। वहीं 19 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से 50 से 59 फीसदी तक कम बरसात हुई है।
राज्य के 40 जिले रेड जोन में हैं। यहां 20 से 59 फीसदी तक कम बरसात दर्ज की गई है। शेष जिले ग्रीन जोन में हैं। पर यहां भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। सिर्फ चित्रकूट ऐसा जिला हैं जहां सामान्य से 40 फीसदी वर्षा अधिक हुई है।
राज्य में अभी 45 फीसदी कम वर्षा
इस मानसून में अब तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से 40 फीसदी कम वर्षा हुई है। अब तक 634 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए थी। पर हुई अभी 347.4 फीसदी है। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले सबसे ज्यादा सामान्य वर्षा के लिए तरस रहे हैं। यहां बागपत और गाजियाबाद में सामान्य से 78 फीसदी, ज्योतिबा फूले नगर, रामपुर के अलावा कानपुर देहात, कुशीनगर, जौनपुर, गौतमबुद्धनगर ऐसे जिले हैं जहां 70 फीसदी से अधिक सामान्य से कम वर्षा हुई है।
सरकार ले रही है हर दिन रिपोर्ट
राज्य सरकार की मानसून पर पैनी नजर है। मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारी तक प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। मौसम विभाग से भी हर हफ्ते बरसात के आंकड़े लिए जा रहे हैं। अधिकारी और मौसम विभाग मान रहा है कि बरसात की यही बेरुखी रही तो राज्य के कई जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ सकता है।
सामान्य से कम वर्षा वाले शीर्ष दस जिले
बागपत : 78 फीसदी कम
गाजियाबाद : 78 फीसदी कम
रामपुर : 72 फीसदी कम
ज्योतिबाफूले नगर : 72 फीसदी से कम
कानपुर देहात : 72 फीसदी से कम
कुशीनगर : 71 फीसदी से कम
गौतमबुद्धनगर : 71 फीसदी से कम
जौनपुर : 70 फीसदी से कम
शाहजहांपुर : 67 फीसदी से कम
संत कबीर नगर : 65 फीसदी से कम
