12.8 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्यकेस की सुनवाई के बाद डीएम ने सुनाया ऐसा फैसला कि मुंह...

केस की सुनवाई के बाद डीएम ने सुनाया ऐसा फैसला कि मुंह ताकने लगे सब लोग, जानें क्या है माजरा?

Published on

हमीरपुर

हमीरपुर में शुक्रवार को कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान फैसले की घड़ी में कुछ ऐसा हुआ कि वहां मौजूद लोग अवाक रह गए। हुआ यूं कि यहां मुकदमे की सुनवाई के बाद डीएम चंद्र भूषण त्रिपाठी ने संस्कृत भाषा में फैसला सुनाया, जिसे सुनते ही वकील हतप्रभ रह गए। इतना ही नहीं इस दौरान डीएम ने संस्कृत भाषा में आदेश भी जारी किए। एक आईएएस अदिकारी के संस्कृत भाषा में फैसला सुनाने का यह पहला वाक्या सामने आया है, जो कोर्ट से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के ग्राम गिरवर निवासी संतोष कुमार पुत्र करन सिंह अनुसूचित जाति का है। इसके पास मौजा कुम्हरिया गांव में 2.9250 हेक्टेयर कृषि भूमि है। किसान संतोष ने जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपना मामला रखा था। उसने कोर्ट में बताया कि उसके ऊपर सरकारी कर्जा है और बीमारी से परेशान भी रहता है। बताया कि सरकारी कर्जा निपटाने और बीमारी का इलाज कराने के लिए अपनी भूमि को दो हिस्सों में 0.4050 हेक्टेयर और 0.0930 हेक्टेयर गैर अनुसूचित जाति के लोगों को बेचना चाहता है। इस मामले की सुनवाई करते हुए आज डीएम डॉ.चंद्रभूषण त्रिपाठी ने पहली बार कोर्ट में वकीलों के बीच संस्कृत भाषा में फैसला सुनाया। बता दें, कि डीएम ने संस्कृत भाषा से पीएचडी की है।

डीएम ने संस्कृत भाषा में चार पेज का दिया निर्णय
डीएम ने बताया कि किसान संतोष कुमार के मामले की जांच राठ तहसीलदार और एसडीएम से कराई थी। जांच रिपोर्ट के बाद आज यहां कोर्ट में इस प्रकरण पर निर्णय चार पेज में दिया गया है। बताया कि इस पूरे प्रकरण पर फैसला संस्कृत भाषा में दिया गया है। इतना ही नहीं इस फैसले के आदेश भी संस्कृत भाषा में ही दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि इस मामले में आदेश को संस्कृत भाषा में लिखकर सभी वकीलों के बीच पढ़कर सुनाया गया है। संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है।

संस्कृत भाषा में निर्णय देना एक नई पहल-बार एसोसिएशन
बताते है कि डीएम कोर्ट में अंग्रेजी हुकूमत में डीएम कोर्ट से बहुत सारे फैसले अंग्रेजी में फैसले होते थे। लेकिन यहां पहली बार डीएम ने कोर्ट में संस्कृत भाषा में न सिर्फ फैसला दिया बल्कि उसे संस्कृत भाषा में पढ़कर वकीलों को सुनाया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि संस्कृत भाषा में निर्णय देना एक नई पहल है।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...