नई दिल्ली
उजबेकिस्तान में चल रहे 22वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए शर्मिंदगी की स्थिति बन गई। आतंकियों की पनाहगाह बने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। सम्मेलन के दौरान एक मीटिंग से बाहर निकलने पर एक पत्रकार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की दुखती रग पर हाथ रख दिया। पत्रकार ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से जैश-ए-मोहम्मद सरगना आतंकी मसूद अजहर से जुड़ा सवाल पूछा। पाकिस्तानी पीएम को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनसे कुछ ऐसा पूछा जा सकता है। ऐसे में शहबाज से कुछ भी कहते नहीं बना। पाकिस्तानी पीएम इस सवाल का जवाब दिए वहां से आगे बढ़ गए।
मसूद अजहर पर कार्रवाई करेंगे?
समरकंद में कांग्रेस सेंटर में एससीओ की बैठक चल रही थी। बैठक के बाद जैसे ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बाहर निकलकर गेट तक पहुंचे। उसी समय एक भारतीय पत्रकार ने आतंकी मसूद अजहर से जुड़ा सवाल शहबाज शरीफ से पूछा। भारतीय पत्रकार के सवाल पर पाकिस्तानी पीएम बिल्कुल चुप्पी साध गए। पत्रकार ने पूछा कि शहबाज साहब क्या आतंकी मसूद अजहर पर आप कार्रवाई करेंगे? इस सवाल के पाकिस्तानी पीएम ने बिल्कुल अनसुना सा कर दिया। वह, कुछ बोले बिना ही गेट से बाहर निकल गए।
मसूद अजहर अब त्रिपक्षीय मुद्दा, बोले बिलावल
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने मसूद अजहर के मुद्दे पर अपनी राय जताई। बिलावल भुट्टो ने कहा कि आतंकी मसूद अजहर का मुद्दा अब द्विपक्षीय नहीं बल्कि त्रिपक्षीय है। उन्होंने कहा कि यह अब भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान का मसला है। भुट्टो ने यह भी कहा कि आतंकी मसूद अजहर अब अफगानिस्तान में हैं।
तालिबान खारिज कर चुका है पाकिस्तान का दावा
तालिबान ने जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने की खबरों को सिरे से खारिज कर चुका है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा था कि वह व्यक्ति घोषित आतंकवादी है और पाकिस्तान में कई आतंकी घटनाओं में शमिल होने के लिए वांछित है। पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा था कि उसने संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित एक आतंकवादी के अफगानिस्तान में होने के मुद्दे को अफगान अधिकारियों के सामने उठाया है।
कंधार विमान अपहरण के बाद छूटा था मसूद अजहर
मौलाना मसूद अजहर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना और फाउंडर है। जैश को पाकिस्तानी सरकार का पूरा समर्थन हासिल है। इस आतंकी संगठन की मदद से ही पाकिस्तान की तरफ से भारत में आतंकी हमलों को अंजाम दिया जाता है। मौलाना मसूद अजहर अपने भड़कीले भाषणों, कश्मीर में अलगाववादियों गतिविधियों के बीच मतभेदों की मधयस्थता करने के लिए जाना जाता है। मसूद अजहर को कश्मीर के अनंतनाग से गिरफ्तार किया था। हालांकि, जेल में मसूद हमेशा यह शेखी बघारता था कि भारत सरकार उसे ज्यादा दिन तक जेल में बंद नहीं रख पाएगी। 1999 में कंधार विमान अपहरण के बाद यात्रियों के बदले तीन आतंकियों के साथ मसूद अजहर को भी छोड़ा गया था।
