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Wednesday, March 25, 2026
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ब्रिटेन में चीन की बेइज्‍जती, महारानी के अंतिम संस्‍कार पर भी अधिकारियों को नो एंट्री!

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लंदन

चीन को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर जलालत का सामना करना पड़ा है। राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की तरफ से भेजे गए प्रतिनधिदल को पिछले दिनों संसद में रखे गए महारानी एलिजाबेथ के ताबूत को देखने से मना कर दिया गया। अब ऐसी खबरें हैं कि सोमवार को वेस्‍टमिंस्‍टर एबे में होने वाले उनके अंतिम संस्‍कार में भी इन अधिकारियों को अंदर नहीं आने दिया जाएगा। चीन की तरफ से उपराष्‍ट्रपति वांग किशान को भी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में जिनपिंग के विशेष प्रतिनिधि के तौर पर भेजा गया है। इस पूरे मसले के बाद दुनिया के सामने आ गया है कि ब्रिटेन और चीन के रिश्‍ते किस हद तक तनावपूर्ण हो चुके हैं।

मतभेद आए सामने
पिछले साल हाउस ऑफ कॉमन्‍स और लॉर्ड्स के स्‍पीकर ने चीन के राजदूत झेंग झेगुआंग को ससंद में प्रतिबंधित कर दिया था। चीन ने ब्रिटेन के कई सांसदों को बैन कर दिया है। इसकी वजह हैं वो उइगर मुसलमान जो चीन के शिनजियांग में रहते हैं। ब्रिटिश सांसदों की मानें तो इन मुसलमानों के साथ गलत बर्ताव और मानवाधिकार उल्‍लंघनों को देखते हुए इन्‍हें एंट्री नहीं देनी चाहिए।

हाउस ऑफ कॉमन्‍स की तरफ से इस प्रतिनिधिमंडल को वेस्‍टमिंस्‍टर एबे में एंट्री दी जाए या नहीं, इस पर विचार विमर्श जारी है। चीन और ब्रिटेन के अलावा इस नए घटनाक्रम ने संसद और यूके की सरकार के बीच भी मतभेदों को सामने लाकर रख दिया है। जहां संसद हमेशा से चीन पर सख्‍त रवैया अपनाती है तो सरकार का रुख लचीला रहता है।

लौटाए जाएंगे चीनी अधिकारी!
महारानी के अंतिम संस्‍कार के निमंत्रण विदेश, कॉमनवेल्‍थ एंड डेवलपमेंट विभाग की तरफ से पिछले हफ्ते तैयार किए गए थे। चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को राष्‍ट्राध्‍यक्ष के तौर पर इसमें बुलाया गया था। लेकिन वह इसमें शामिल नहीं सकते थे। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट के मुताबिक इसके बाद उपराष्‍ट्रपति को भेजा गया जो रविवार को लंदन पहुंचेंगे। वांग ने बीजिंग में ब्रिटिश दूतावास में सरकार की तरफ से शोक संदेश लिखा और एक मिनट का मौन धारण किया था।

हेलेना केनेडी जो लेबर पार्टी की सांसद हैं, उन्‍हें चीन ने प्रतिबंधित किया हुआ है। उनका कहना है कि चीनी सरकार के अधिकारियों को इस मौके पर शामिल नहीं होने देना चाहिए। उनका कहना था कि यह वह पल है जब ब्रिटेन की जनता अपनी महारानी के जीवन को याद कर रहर है। केनेडी के शब्‍दों में, ‘चीन हमारे सांसदों को प्रतिबंधित कर संसद और संविधान प्रक्रिया पर हमले कर रहा है।’

पीएम ट्रस का सख्‍त रवैया
यूके सरकार का रवैया, चीन की तरफ पिछले कुछ महीनों में काफी सख्‍त हुआ है। लिज ट्रस जो अब देश की प्रधानमंत्री हैं, उन्‍होंने भी इशारा कर दिया है कि चीन के खिलाफ उनकी नीति आसान नहीं होगी। उनके पूर्वाधिकारी बोरिस जॉनसन से उलट वह चीन के प्रति एक सख्‍त रवैया अपनाएंगी। ट्रस, उइगर मुसलमानों के खिलाफ चीन के बर्ताव को नरसंहार करार देती हैं।

उनकी योजना सरकार की विदेश और रक्षा रणनीति को फिर से तैयार करना है जिसमें चीन के खिलाफ सख्‍त भाषा होगा। अगस्‍त में भी ट्रस ने चीन के एक राजदूत को ताइवान के खिलाफ जारी आक्रामकता के चलते तलब किया था। उनका कहना था कि चीन का रवैया दिन पर दिन आक्रामक होता जा रहा है। इसकी वजह से क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर खतरा मंडराने लगा है।

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