नई दिल्ली,
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के Invest Rajasthan 2022 Summit कार्यक्रम में उद्योगपति गौतम अडानी भी पहुंचे. एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी ने इस मौके पर सीएम गहलोत के तेजी से निर्णय लेने की जमकर तारीफ की. आने वाले 5 से 7 सालों में राज्य में 65,000 करोड़ रुपये के नए निवेश का वादा किया. साथ ही राजस्थान सरकार की कई अनोखी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी वाहवाही की.
बताया गहलोत के साथ का पुराना किस्सा
निवेश सम्मेलन में अपने भाषण में गौतम अडानी ने अशोक गहलोत की पिछली सरकार के साथ का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि जब वो सीएम गहलोत से पहली बार मिले थे, तो उन्होंने राजस्थान के बिजली क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताई थी. उन्हें याद है कि तब सीएम ने तत्काल उनका समर्थन दिया और प्रशासन को भूमि, जल और अन्य मंजूरियां जल्द से जल्द देने का निर्देश दिया. उन्होंने इतनी तत्परता और तेजी से निर्णय लेने की प्रक्रिया को पहली बार देखा था. यही कारण है कि कावई का 1,320 मेगावाट का बिजली संयंत्र महज 36 महीनों में पूरा हो गया. ये भारत में सबसे तेजी और अडानी समूह के किसी भी बिजली प्लांट का सबसे तेजी हुए निर्माण है.
गहलोत की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की तारीफ
गौतम अडानी ने राजस्थान सरकार की जागृति बैक टू वर्क योजना, शक्ति उड़ान योजना और मुख्यमंत्री अनु-प्रीति कोचिंग स्कीम की खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से सामाजिक उत्थान के साथ-साथ राजस्थान की आर्थिक प्रगति भी हुई है. ये सभी योजनाएं रोजगार को बढ़ावा देने के मामले में एक ट्रेंड सेटर हैं. साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य की पहुंच को सुनिश्चित करती हैं.
अडानी करेंगे 65,000 करोड़ रुपये का निवेश
गौतम अडानी ने कहा कि उनका समूह राज्य में बिजली क्षेत्र का पहले से बड़ा निवेशक है. वहीं अंबुजा सीमेंट और एसीसी के अधिग्रहण के बाद वह दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बन गई है जिसके राज्य में 3 प्लांट हैं. ऐसे में इस क्षेत्र में भी उनका समूह आगे और निवेश बढ़ाएगा. अडानी समूह राज्य में अभी 35,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर चुका है. जबकि आने वाले 5 से 7 साल में ऊर्जा क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा. जबकि सीमेंट सेक्टर में भी 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इस तरह आने वाले सालों में राज्य में कुल 65,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश होगा. इससे राज्य में 40,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा.
