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Wednesday, March 25, 2026
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अगर भुजबल से मदद मांगी होती तो आज भी आप सीएम होते… उद्धव से बोले अजित पवार

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मुंबई

शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने शिवसेना नहीं छोड़ी होती तो वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए होते। ठाकरे ने भुजबल के 75वें जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। कार्यक्रम में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के कई नेताओं ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान ही नेता विपक्ष अजित पवार ने कहा कि अगर उद्धव ने छगन भुजबल से मदद मांगी होती तो वह आज भी महाराष्ट्र के सीएम होते।

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोराट भी कार्यक्रम में शरीक हुए।उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘अब मैं ऐसा व्यक्ति बन गया हूं, जिसे कोई झटका नहीं लगता। लेकिन जब भुजबल ने शिवसेना छोड़ी थी, तो मैं स्वीकार करता हूं कि हमारा परिवार स्तब्ध रह गया था। वह गुस्सा (जो उस समय निकला) राजनीतिक था। हम लंबे समय तक इस बात को पचा नहीं पाए कि हमारे परिवार का एक सदस्य हमें छोड़कर चला गया है।’

1990 में शिवसेना से अलग हुए थे भुजबल
एक समय शिवसेना के तेजतर्रार नेता रहे छगन भुजबल ने 1990 में बाल ठाकरे की पार्टी शिवसेना छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद जब पवार ने एनसीपी का गठन किया, तो वह उनके साथ चले गए।इससे पहले, महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने एनसीपी के गठन में भुजबल की भूमिका को याद किया और बताया कि कैसे उन्होंने 2002 में संकट में घिरी विलासराव देशमुख की सरकार को बचाने में अहम किरदार अदा किया था।

‘अगर भुजबल से बात की होती, तो आज भी सीएम होते’
पवार ने कहा, ‘अगर उद्धव ठाकरे ने (हालिया संकट के दौरान जिसके चलते एमवीए सरकार गिर गई) भुजबल की मदद ली होती, तो वह आज भी मुख्यमंत्री होते।’ उन्होंने कहा, ‘उद्धव ठाकरे को छगन भुजबल से मदद मांगनी चाहिए जब शिवसेना के 15 विधायकों ने बगावत की थी। वह इस तरह के मामलों में मास्टर हैं। अगर आपने उनसे संपर्क किया होता, तो आप आज भी महाराष्ट्र के सीएम होते।’

अजित पवार ने कहा कि 1999 में एनसीपी का गठन होने के महज चार महीने बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हो गए। अगर पार्टी के पास और समय होता तो यह और सीटें जीत सकती थी और भुजबल मुख्यमंत्री बनते। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर भुजबल शिवसेना न छोड़ते तो उससे बहुत पहले ही मुख्यमंत्री बन गए होते।

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