भोपाल
भेल क्षेत्र के प्रतिष्ठित गांधी मार्केट में सुविधाओं के अभाव के चलते व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि मार्केट की अधिकतर स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। साथ ही मार्केट की साफ-सफाई भगवान भरोसे चल रही है। कचरे के कारण मार्केट की नालियां आए दिन चौक हो जाती हैं। यही नहीं मार्केट की दुकानों की स्थिति इतनी कंडम है । साफ-सफाई की बात करें, तो नगर निगम और भेल प्रबंधन दोनों ही अपना पल्ला झाड़ व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। यहां के व्यापारियों की मानें तो पिपलानी गांधी मार्केट के सब्जी सेक्शन में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
यदि मार्केट वाले दिन यानि गुरुवार और रविवार को छोड़ दें, तो सप्ताह के अन्य दिन रात में यहां पर अंधेरा पसरा रहता है। असामाजिक तत्व यहां पर डेरा जमाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। गांधी मार्केट व्यापारियों की मानें तो यहां की साफ-सफाई भगवान भरोसे चल रही है। नालियों में कचरा चले जाने के कारण गांधी मार्केट की नालियां चौक हो जाती है।
सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनों में होती है। नाली चौक हो जाने के कारण इसकी गंदगी बाहर आकर दुकानों के सामने से बहती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है। पिपलानी गांधी मार्केट की तीन दशन से ज्यादा पुरानी दुकानों की जर्जर स्थिति में है। व्यापारियों की मानें तो पूर्व में भेल प्रबंधन द्वारा दुकानों का समय-समय पर रखरखाव किया जाता था, लेकिन ये बंद कर दिया गया।
इनका कहना है…
वर्तमान समय में पिपलानी गांधी मार्केट के व्यापारी की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से मार्केट का कई हिस्सा शाम होते ही अंधेर नगरी बना जाता है। यहां पर असामाजिक तत्वों द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।
विनेश कनौजिया, व्यवसायी पिपलानी गांधी मार्केट
पिपलानी गांधी मार्केट की साफ-सफाई भगवान भरोसे चल रही है। मार्केट के पीछे के हिस्से में गंदगी का अंबार भरा पड़ा है। भेल प्रबंधन द्वारा सप्ताह के सिर्फ दो दिन मार्केट में झाडू लगवाई जाती है। अन्य दिनों में मार्केट में साफ-सफाई नहीं की जाती है।
रमेश अडवानी व्यापारी पिपलानी गांधी मार्केट
