– ईडी ने किया प्लांट का निरीक्षण, बैंगलुरू लगायेगी पैनल, भोपाल करेगा सिविल वर्क
– सिर्फ रविवार को होगा टाउनशिप और बाकी दिन कारखाने में होगा बिजली का उपयोग
भोपाल
भले ही राज्य सरकार के अडेंग़े के चलते भेल प्रशासन उद्योग नगरी के जम्बूरी मैदान में 10 मेगावाट सोलर प्लांट न लगा पाया हो लेकिन गोंविदपुरा क्षेत्र में उसने 5 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाने में सफलता हासिल कर ली है । दिल्ली कॉरर्पोरेट के फरमान के बाद गोंविदपुरा में करीब 20 एकड़ जमीन आनन-फानन में तलाशी गई । इस जमीन पर टीआरटी मैदान पर जर्जर मकानों को तोड़ा गया । सुभाष नगर शमशान घाट से लेकर गोंविदपुरा हॉट बाजार तक की जमीन पर सोलर प्लांट लगाया जा रहा है जो अपने आप में सबसे अलग है ।
मंगलवार को भेल के नये ईडी विनय निगम ने प्लांट का निरीक्षण भी किया । जून 2022 में दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद 31 मार्च 2022 को इसका काम शुरू कर दिया गया है । सिविल कार्य में तेजी लाकर सड़क,बिजली और पानी की व्यवस्था की जा रही है । इधर बैंगलुरू भेल यूनिट के एक्सपर्ट अफसरों ने नये ईडी के दिशा निर्देश के बाद काम मेें तेजी लाते हुये पेनल लगाने का काम शुरू कर दिया है । वैसे यह प्लांट अगस्त में शुरू होना था लेकिन अब अगले माह हार हाल में प्लांट बनकर तैयार हो जायेगा यह अपने आप में भेल भोपाल की बड़ी उपलब्धि है ।
इस प्लांट के तैयार होने के बाद भेल कारखाने को बिजली सप्लाई हो सकेगी वहीं भेल प्रशासन ने हर रविवार को कारखाने में अवकाश होने के कारण उद्योग नगरी में बिजली सप्लाई करने का फैसला लिया है । इससे भेल के आवास भी रोशन हो सकेंगे । भेल को मप्र बिजली वितरण कंपनी को हर साल 5 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान करना पड़ रहा है । जैसे ही दिसंबर माह में सोलर प्लांट तैयार होगा तब भेल प्रशासन को इतनी ही राशि की बचत होगी । खास बात यह है कि इस प्लांट को देखने भेल दिल्ली कॉरर्पोरेट के आला अफसर जल्द ही भोपाल आ रहे हैैं इसके उद्घाटन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
गौरतलब है कि भेल सौर फोटोवोल्टिक (एसपीवी) सेल और मॉड्यूल का निर्माण करने वाली पहला इंजीनियरिंग संस्था है जो डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैनुफैक्चरिंग सहित सभी सौर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करती है। इसके अलावा इरेक्शन, परीक्षण और कमीशनिंग का काम तीन दशक से भेल कर रहा है। जमीन, छत एवं पानी पर सौर से लेकर अंतरिक्ष में सौर लगाने का अनुभव हैं। बीएचईएल के पास अत्याधुनिक निर्माण सुविधाओं के साथ-साथ विशेष आरएंडडी केन्द्र भी उपलब्ध हैं । इसी तरह बीएचईएल सभी प्रकार के सोलर प्लांट विकसित किए जाते हैं जिनमें कैनल टॉप, फ्लोटिंग सोलर, सौलर पंप, स्पेश ग्रेड सोलर, ग्राउंड माउंटेड और रूफ टॉप शामिल हैं।
इनका कहना है –
गोविंदपुरा क्षेत्र में सोलर प्लांट लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है । संभवत: दिसंबर 2022 में यह काम पूरा हो जायेगा । इससे भेल को करीब 5 करोड़ सालाना राजस्व बचत होगी । वहीं टाउनशिप में भी सोलर बिजली देने का प्लान तैयार है ।
विनोदानंद झा, अपर महाप्रबंधक, प्रचार एवं जन संपर्क विभाग भेल
