भोपाल
पिपलानी स्थित इंटक कार्यालय के बुद्ध सभागार में दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया गया । इस अवसर पर हेम्टू इंटक के अध्यक्ष आरडी त्रिपाठी कहा कि भेल में पहली बार कारखाने का फायदे में होने के वाबजूद कर्मचारियों को काली दिवाली मनाने पर मजबूर होना पड़ा। वर्तमान में ऐसा प्रतीत होता है की कारखाने में यूनियनों का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। कर्मचारी असहाय महसूस कर रहा है जीती हुई यूनियन दिल्ली के चक्कर लगाकर वापस आ जाते हैं। सारी यूनियन आपस में नूरा कुश्ती कर रही है।
पिछले साल घाटा और कोरोना जैसी महामारी होने के वाबजूद इंटक यूनियन ने 11 हजार बोनस दिलवाया था। फायदे के वाबजूद कर्मियों की काली दिवाली मन रही है। इंटक यूनियन चुनाव हारी है लेकिन हौसला नहीं हारा है। भेल कर्मियों की हर वो सुविधायें जो बंद हो रही है उन्हें वापस कराने का पूरा प्रयास किया जायेगा।
