– संस्था के डायरेक्टरों को अयोग्य घोषित करने लगा डाली आपत्ति
– अनुसूचित जाति के पद आरक्षण की मांग,अंतिम मतदाता सूची जारी न होने का आरोप
भोपाल
भेल की प्रतिष्ठित बीएचईईएल थ्रिफ्ट एंड के्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चुनाव की तारीख तय होने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है । सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला शाम 5 बजे तक जारी रहा । जानकारी के मुताबिक सवा सौ करोड़ की संस्था में करीब 126 लोगों ने नामांकन भरे सुबह से ही नामांकन पत्र भरने वाले और उनके समर्थकों की भीड़ देखी गई । चुनाव अधिकारी डॉ. मूलचन्द किशोरे ने बताया कि नामांक प्रक्रिया शांति पूर्ण रही । नियोजन पत्रों की जांच और वैध नियोजन पत्रों की सूची का प्रकाशन 1 नवंबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होगा । वहीं नियोजन पत्रों की वापसी 2 नवंबर को होगी ।
इधर जहां संस्था कार्यालय नामांकन भरे जा रहे थे तब आपत्ति लगाने वाले भी चुनाव अधिकारी के सामने लिखित में शिकायत कर रहे थे । यहां तक कि आपत्ति कर्ताओं ने आपत्ति लगाई है कि इस चुनाव में अनुसूचित जाति वर्ग के लिये कोई पद आरक्षित ही नहीं किया गया बल्कि स्वयं की मर्जी से आरक्षण लागू किया गया । यह आपत्ति संस्था के सदस्य व भेल कर्मी नारायण बरखानिया ने दर्ज कराई ।
उन्होंने कहा है कि 28 अक्टूबर 22 को जो निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया है उसमें संचालक पद हेतु आरक्षण लागू किया है जबकि मल्टी स्टेट को -ऑपरेटिव एक्ट के नियमों एवं उप नियमों में संचालकों के निर्वाचन हेतु आरक्षण का कोई ब्यौरा नहीं हैं । एक सदस्य सादिक खान ने तो यह आपत्ति तक दर्ज करा दी कि यह निर्वाचन कार्यक्रम मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी नियम 2002 की अनुसूचि के क्रमांक 2 का उल्लंघन है क्योंकि निर्वाचन हेतु प्रथम मतदाता सदस्यता सूची जारी नहीं की गई और न ही अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया और न ही उस पर आपत्तियां का अवसर दिया गया ।
श्री खान ने चुनाव अधिकारी को लिखित मेें दिया है कि यह चुनाव 28 दिसंबर 2021 की अंतिम मतदाता सूची द्वारा किया जा रहा है । संस्था के सदस्य गोपाल कृष्ण गुप्ता की आपत्ति यह है कि मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव एक्ट की धारा 43 के अनुसार वर्तमान संचालक मंडल जो संस्था पर वर्ष 2017 से जनवरी 2022 तक काबिज था वह संचालक मंडल का 5 वर्ष की समयावधि में संस्था का निर्वाचन कराने ,वार्षिक साधाारण अधिवेशन बुलवाने एवं वित्तीय विवरण तैयार कर आम सभा में प्रस्तुत करने में असफल रहा है ।
वर्तमान संचालक मंडल समयावधि सहित उपरोक्त नियमों को लागू करने में असफल रहा है । इसलिये मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव एक्ट की धारा 43 की उपधारा 2 के के परिपालन में सभी 9 संचालकों को चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित किया जाये । एक सदस्य ने तो आपत्ति में यहां तक कह डाला कि यदि मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव एक्ट की धारा 29 सी के मुताबिक जो सदस्य लगातार 3 साधारण सभा में गैर हाजिर रहा है तो वह संस्था के योग्य ही नहीं है तो ऐसे में उन सदस्यों की सदस्यता खत्म कर फिर से मतदाता सूची जारी कर निर्वाचन करायें ।
बड़ी बात यह है कि थ्रिफ्ट के चुनाव डॉ. मूलचन्द्र किशोरे को सदस्यों ने इस तरह की आपत्ति दर्ज कराई ऐसे में उन्हें इन आपत्तियों का निराकरण करना है इनमें कितना दम है कितना नहीं यह वह नियम व स्व विवेक से निराकरण करेंगे । आपत्तियां गंभीर हैं संस्था का मामला वैसे भी हाई कोर्ट में लंबित है ऐसे में नई आपत्तियां क्या गुल खिलायेंगी उसे भी देखना जरूरी है ।
