मुंबई
मराठी फिल्म हर-हर महादेव पर चल रहे विवाद के बीच एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड को गिरफ्तार कर लिया गया है। ठाणे के एक मॉल में फिल्म की स्क्रीनिंग रुकवाने और तोड़फोड़ के मामले में आव्हाड को ठाणे की वर्तकनगर पुलिस ने अरेस्ट किया है। एनसीपी एमएलए उस वक्त विवादों में आए थे, जब उन्होंने ठाणे के एक मॉल में फिल्म हर-हर महादेव की स्क्रीनिंग को रुकवा दिया था। इस दौरान वहां मौजूद लोगों और एनसीपी कार्यकर्ताओं में मारपीट हुई थी। इस सिलसिले में ठाणे पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। हंगामे और तोड़फोड़ के तीन दिन बाद जितेंद्र आव्हाड को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड का कहना है, ‘मैं मुंबई जा रहा था, इसी दौरान पुलिस के एक कॉल के बाद मैं खुद ठाणे के वर्तकनगर थाने पहुंचा। इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर ने मुझे बातचीत में उलझा दिया। तभी डीसीपी राठौड़ थाने पहुंचे और मुझे हिरासत में ले लिया। आज दोपहर करीब एक बजे मेरे पास वर्तकनगर थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निकम का फोन आया। उन्होंने कहा कि मैं नोटिस भेजने के लिए एक पुलिसकर्मी भेजूंगा, इसलिए आप थाने आ जाएं। लेकिन मैंने कहा कि मैं पहले थाने आऊंगा और फिर मुंबई जाऊंगा।’
आव्हाड ने साथ ही कहा, ‘डीसीपी राठौड़ की आंखों और चेहरे पर बेचैनी दिखाई दे रही थी। जब मैंने कार्रवाई को लेकर डीसीपी से पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं कर सकता। ऊपर से आदेश आया है और आपको गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’ एनसीपी नेता ने महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यह पुलिस शक्ति का दुरुपयोग है। अब मैं लड़ने को तैयार हूं। भले ही मुझे फांसी लग जाए लेकिन मैंने जो नहीं किया उसके लिए मैं खुद को दोषी नहीं मानूंगा।’
