मुंबई
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत ने कहा कि हमें गैरकानूनी तरीके से जेल में डाला गया। अगर मैं दोषी हूं तो मुझे सजा दीजिए। मैं मरने के लिए भी तैयार हूं। हमें जेल में डालिए और मार डालिए। संजय राउत ने कहा कि मेरे जैसे लोगों को फंसाया जा रहा है। राउत ने सवाल किया कि क्या मेरे बोलने से सरकार को खतरा है। पीएम नरेंद्र मोदी-अमित शाह सब बोल रहे हैं। लेकिन मुझे जबरन क्यों फंसाया गया। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। इसके लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रहे यूयू ललित की अगुवाई में एक कमेटी बने और पूरे मामले की जांच करें कि मुझे जेल क्यों भेजा गया। उन्होंने कहा कि देश में सब लोग डर में जी रहे हैं।
जेल से रिहाई के बाद उद्धव सेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने शुक्रवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हो या देवेंद्र फडणवीस मुझे किसी से कोई दिक्कत नहीं है। मैं जल्द ही फडणवीस से मिलने वाला हूं। फिर दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलूंगा।
‘बीजेपी ने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाकर दिया ईनाम’
बिना नाम लिए बीजेपी पर हमला बोलते हुए राउत ने कहा कि देश में बदले की राजनीति हो रही है। हमने बहुंत ही संयमित तरीके से राजनीति की है। उन्होंने कहा कि शिवसेना तोड़ने का ईनाम बीजेपी ने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाकर दिया। राउत ने सवाल किया बीजेपी ने शिंदे को पहले सीएम क्यों नहीं बनाया। जब वो पहले भी तो उनको सीएम बना सकते थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद हम सब भी तो यही चाहते थे। शिवसेना खुद एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती थी लेकिन तब आप(बीजेपी) तैयार नहीं हुए।
‘बीजेपी चाहती तो यह सब रोक सकती थी’
राउत ने कहा कि शिवसेना को तोड़ने के लिए ये सारा सियासी ड्रामा किया गया। बीजेपी चाहती तो यह सब रोक सकती थी, लेकिन उसे ऐसा होने दिया गया। इसके चलते आज शिवसेना टूटी और उनका तीर-धनुष उनसे छिन गया।
‘बदला पाकिस्तान से लेना चाहिए न कि शिवसेना से’
संजय राउत ने आगे कहा कि सरकार बदले की राजनीति के तहत काम कर रही है। जबकि मोदी सरकार को बदला पाकिस्तान से लेना चाहिए। चीन जैसे देशों से लेना चाहिए जिन्होंने हमारी जमीन पर आकर हमारे सैनिकों पर हमला किया और जमीन कब्जाई। लेकिन बीजेपी ऐसा न करके शिवसेना से ही बदला क्यों ले रही है।
बातचीत के दौरान संजय राउत ने शिवसेना में हुई बगावत पर भी अपने विचार रखे. उनकी तरफ से साफ कहा गया कि जो 40 विधायक छोड़कर गए भी हैं, उनमें से कई उनके संपर्क में हैं. उन्हें उम्मीद है कि कुछ तो वापस भी आ सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि बगावत के दौरान कई विधायकों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें किडनैप किया गया था. वहीं एकनाथ शिंदे और उनके खेमे को लेकर राउत कहते हैं कि आपको तो बाला साहेब का नाम स्वार्थ के लिए चाहिए था, वरना लोग आपको जूता मारते. मैं यहां ये साफ कर दूं कि हमने कभी उनके साथ रिश्ता नहीं तोड़ा. वे तो पुराने शिवसैनिक रहे हैं.
शुक्रवार को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में आदित्य ठाकरे भी शामिल हुए, इस पर भी संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उनके मुताबिक भविष्य में महा विकास अघाड़ी ऐसे ही जारी रहने वाला है. वे कहते हैं कि आदित्य और राहुल दोनों युवा नेता हैं. अगर आदित्य किसी के साथ चल रहा है तो जिसका हाथ पकड़ा है उसकी पीठ में खंजर नहीं मारेगा.
