9.8 C
London
Wednesday, May 13, 2026
Homeराजनीतितेजस्‍वी, सोनिया, ओवैसी... विपक्ष भी नितिन गडकरी के काम का कायल, क्‍यों...

तेजस्‍वी, सोनिया, ओवैसी… विपक्ष भी नितिन गडकरी के काम का कायल, क्‍यों किसी को नहीं खटकता यह बीजेपी नेता?

Published on

नई दिल्‍ली

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में एक ऐसा चेहरा हैं जिनके चाहने वाले दूसरे दलों में भी दिखाई देते हैं। विपक्ष के कई नेता गडकरी के काम और व्‍यवहार की खुलकर तारीफ करते हैं। इस फेहरिस्‍त में अब राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का भी नाम शामिल हो गया है। तेजस्‍वी ने गडकरी को ऐसा प्रोग्रेसिव नेता बताया है जो पार्टी और राज्‍य नहीं देखते हैं। डेप्‍युटी सीएम ने केंद्रीय मंत्री को अपना अभिभावक तक बता डाला है। तेजस्‍वी यह भी बोले हैं कि केंद्र में गडकरी जैसे और मंत्री होने चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष के किसी नेता ने गडकरी की तारीफ की हो। इसके पहले सोनिया गांधी, जयराम रमेश, मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर दिनेश त्रिवेदी, असदुद्दीन ओवैसी और संजय झा तक गडकरी की तारीफ में खुलकर बोल चुके हैं। हाल में कांग्रेस के कई नेताओं ने एक सुर में गडकरी की प्रशंसा की थी। साथ ही बोला था कि अगर वह प्रधानमंत्री के लिए बीजेपी की पसंद होते तो भारत की राजनीतिक संस्‍कृति जहरीली नहीं होती। आखिर वह क्‍या बात है जो नितिन गडकरी को बीजेपी के दूसरे नेताओं से अलग करती है? क्‍यों विपक्ष भी उनके काम का मुरीद है? आइए, यहां इस बात को समझने की कोशिश करते हैं।

दूसरे बीजेपी नेताओं की तरह हमलावर नहीं
नितिन गडकरी की एक खास बात है जो उन्‍हें दूसरे बीजेपी नेताओं से अलग खड़ा कर देती है। वह खूबी है व्‍यक्तिगत हमले न करने की। गडकरी व्‍यक्तिगत हमले करने से बचते हैं। वह बीजेपी की विचारधारा को जरूर ऊपर रखते हैं। हालांकि, ऐसा करते हुए दूसरों पर हमलावर नहीं होते हैं। न ही वह विचारधारा को थोपने की कोशिश करते हुए दिखाई देते हैं। अपनी बात को गडकरी किस्‍से कहानियों की मदद से रखते हैं। ये तथ्‍यों पर आधारित होती हैं। इन्‍हें कहने और बताने का सहज ढंग लोगों को चोट नहीं पहुंचाता है। वह अपनी हर बात कहते हैं। लेकिन, हंसते हुए। अपने अनूठे अंदाज में। यह बेहद शालीन और निराला होता है।

विपक्षी दल के नेताओं को सम्‍मान देने में नहीं कतराते
नितिन गडकरी विपक्षी दलों के नेताओं को सम्‍मान देने में बिल्‍कुल नहीं हिचकते। इसका एक उदाहरण तो बिल्‍कुल ताजा है। उन्‍होंने हाल में 1991 के सुधारों के लिए मनमोहन सिंह की जमकर तारीख की थी। वह बोले थे इन सुधारों के लिए देश मनमोहन सिंह का हमेशा कर्जदार रहेगा। नितिन गडकरी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की भी तारीफ कर चुके हैं। उन्‍होंने नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय लोकतंत्र के दो आदर्श नेता बताया था।

भाषा की मर्यादा का रखते हैं ख्‍याल
गडकरी अपने बयानों में भाषा की मर्यादा का हमेशा ख्‍याल रखते हैं। वह कुछ भी ऐसा नहीं बोलते हैं जिससे किसी दूसरे की भावनाएं आहत हों। गडकरी बातचीत और बयानबाजी में बेहद सधे शब्‍दों का इस्‍तेमाल करते हैं।

अपनी पार्टी पर भी ले लेते हैं चुटकी
परिवहन मंत्री की एक और बड़ी खूबी है। वह चुटकी लेते हुए अपनी पार्टी को भी नहीं बख्‍शते। कुछ समय पहले एक सेमिनार में उन्‍होंने बीजेपी समेत सभी नेताओं पर तंज कसा था। वह बोले थे कि समस्या सबके साथ है। हर कोई दुखी है। एमएलए इसलिए दुखी हैं कि वे मंत्री नहीं बने। मंत्री बन गए तो इसलिए दुखी हैं कि अच्छा विभाग नहीं मिला। जिन मंत्रियों को अच्छा विभाग मिल गया, वे इसलिए दुखी हैं कि मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। मुख्यमंत्री इसलिए दुखी हैं कि पता नहीं कब तक पद पर रहेंगे।

हमला करने के बजाय काम गिनाते हैं
नितिन गडकरी हमला करने के बजाय अपने काम को गिनाते हैं। अपने भाषणों में वह बताते हैं कि उन्‍होंने किन परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया। सरकार का किन परियोजनाओं पर फोकस है। कौन से प्रोजेक्‍ट चल रहे हैं। वह किसी राज्‍य विशेष के बजाय देश की बात करते हैं। उसे नहीं ऊंचाइयों पर ले जाने का हौसला देते हैं। भरोसा दिलाते हैं कि उनसे जो कुछ भी बन पड़ेगा वह करेंगे।

काम और व्‍यवहार से लोगों को बना लेते हैं अपना
कांग्रेस के राज्‍यसभा सदस्‍य विवेक तन्‍खा ने हाल में कहा था – ‘देश में गडकरी की छवि एक अच्‍छे ईमानदार मंत्री की है। वह विपक्ष को सम्‍मान देने में विश्‍वास करते हैं। ऐसे व्‍यक्ति के साथ मंच साझा करने में थोड़ा भी संकोच नहीं होता है।’ गडकरी को लेकर यही विचार कई दूसरे विपक्षी नेताओं के भी हैं। वे न केवल गडकरी के काम बल्कि उनके व्‍यवहार के भी कायल हैं। गडकरी की सहजता और सादगी उन्‍हें आकर्षित करती है। शायद यही कारण है कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को गडकरी से मुलाकात करने में संकोच नहीं होता है। वहीं, जब दूसरे कांग्रेसी नेता सदन में गडकरी की तारीफ कर रहे होते हैं तो सोनिया गांधी भी डेस्‍क को थपथपाते हुए दिखती हैं।

Latest articles

असम के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता, 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने, मोदी-शाह मौजूद रहे

गुवाहाटी। हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के...

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से धनंजय तिवारी को मिली 14 हजार से अधिक रुपये की राहत

रायपुर। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026...

बीएचईएल में नई भर्ती आर्टिजनों के वेतन पुनरीक्षण की मांग, ऐबू ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में नई भर्ती कामगारों (आर्टिजनों) के हितों और वेतन विसंगतियों को...

उद्यमशीलता से प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में बनाई अलग पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता, मेहनत और दूरदर्शिता...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...