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एक MLA जिसे अटल बिहारी ने पहले सांसद बनाया फिर सीएम, अब उनके नाम BJP का सबसे बड़ा रेकॉर्ड

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भोपाल

कुछ लोगों को भले यह पता हो कि 25 दिसंबर के दिन क्रिसमस मनाया जाता है, लेकिन इसके अलावा यह दिन सुशासन दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। सुशासन का दूसरा नाम थे अटल बिहारी वाजपेयी। देश के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में से एक अटल जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी देश के अलग-अलग सीटों से चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे। अटल जी का नाता मध्य प्रदेश से सबसे खास रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन का सपना देखा था। मध्यप्रदेश के मौजूदा सीएम शिवराज सिंह चौहान को राज्य की बागडोर सौंपने में अटल जी का बड़ा योगदान था।

साल 1991 के लोकसभा चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चुनाव लड़ रहे थे लेकिन इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से भी चुनाव मैदान पर थे। अटल जी की लोकप्रियता का ही कमाल था कि वे दोनों ही लोकसभा सीटों से भारी मतों से विजय हुए। बाद में उन्होंने उन्होंने विदिशा सीट को छोड़ दी थी। विदिशा लोकसभा सीट में उपचुनाव होने थे, अच्छे प्रत्याशी की खोज की जा रही थी। एक ऐसे चेहरे की तलाश जो अटल जी की तरह ही प्रखर हो। तब अटल जी ने ही 31 साल के शिवराज सिंह चौहान का नाम सामने किया था।

1 साल पहले बने थे विधायक
करीब 1 साल पहले ही शिवराज सिंह चौहान 31 वर्ष की उम्र में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। अटल जी की नजरों में शिवराज सिंह चौहान कुछ इस तरह बस गए थे कि उन्होंने शिवराज को विदिशा लोकसभा सीट के उपचुनाव से मैदान में उतारा। नए-नए विधायक बने शिवराज के मन में काफी संशय था लेकिन उन्होंने अटल जी की बात को सर्वोपरि मानकर उसी रास्ते पर आगे बढ़ने की ठान ली।

साल 1992 में विदिशा सीट पर लोकसभा के लिए उपचुनाव हुए। इस उपचुनाव में 32 साल का युवा शिवराज सिंह चौहान भारी मतों से चुनकर लोकसभा पहुंच गया। तब शिवराज सबसे कम उम्र के सांसदों में अग्रणी था। अटल जी लोकसभा में जब भी शिवराज सिंह चौहान को देखते तो कहते की उन्हें एक जमीन से जुड़ा हुआ नेता दिखाई देता है। शिवराज सिंह चौहान 1991 से लेकर 2004 तक लगातार पांच बार विदिशा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

सीएम का नाम आगे बढ़ाया
मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार होते हुए भी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्थिति साफ नहीं था क्योंकि उमा भारती ने स्थिति दे दिया था। इस स्थिति से निपटने के लिए अटल जी ने शिवराज सिंह चौहान का नाम आगे किया। 29 नवंबर 2005 को शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके बाद वे बुधनी से उप चुनाव लड़े और लगातार आज तक वहां से विधायक हैं। 2018 के करीब 15 महीनों को छोड़ दिया जाए तो उसके अलावा 15 साल से शिवराज सिंह चौहान लगातार मुख्यमंत्री की भूमिका में हैं।

सबसे लंबे समय तक सीएम रहने का रेकॉर्ड
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक और रिकॉर्ड है। वो बीजेपी शासित राज्य में सबसे ज्यादा समय तक इस पद पर बने रहने वाले मुख्यमंत्री हैं। शिवराज सिंह चौहान ने 15 साल तक छत्तीसगढ़ के सीएम रहे भूपेश बघेल का रेकॉर्ड तोड़ चुके हैं। शिवराज से पहले रमन सिंह सबसे ज्यादा 15 साल 10 दिन तक बीजेपी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एमपी के सबसे ज्यादा 4 बार सीएम बनने वाले नेता हैं।

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