8.9 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeराष्ट्रीयनौकरी या पढ़ाई के लिए घर से हैं दूर तब भी डाल...

नौकरी या पढ़ाई के लिए घर से हैं दूर तब भी डाल सकेंगे वोट, ‘नई मशीन’ के बारे में जानें सब कुछ

Published on

नई दिल्ली:

अपने देश में बहुत से लोग नौकरी या पढ़ने के लिए घर से दूर दूसरे राज्यों में यानी ‘परदेस’ जाते हैं। ऐसे में चुनाव के समय कम लोग ही वोट डालने पहुंच पाते हैं। आने जाने का खर्च और समय की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इधर, वोटिंग प्रतिशत 50-60 प्रतिशत के आसपास रहना निर्वाचन आयोग के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में आयोग ने मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई ‘मशीन’ पर काम शुरू किया है। जी हां, अपने देश में रहने वाली प्रवासी वोटरों के लिए ‘रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी RVM (Remote Electronic Voting Machine) का मॉडल तैयार हो चुका है। यह अभी शुरुआत है। इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले राजनीतिक पार्टियों को इसे दिखाया जाएगा। बाकायदे 16 जनवरी को विभिन्न पार्टियों के नेता इसे जानेंगे और समझेंगे। यूं समझिए चुनाव आयोग की पहल कामयाब रही तो न सिर्फ घर से दूर रहने वालों का पैसा बचेगा बल्कि वोटिंग प्रतिशत में भी इजाफा देखने को मिलेगा।

पहले चुनाव कागज से होता था, बाद में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन आई। वही EVM जिस पर काफी कुछ कहा गया है लेकिन कोई खामी नहीं ढूंढ सका। अब चुनाव प्रक्रिया में RVM के तौर पर एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। प्रयोग सफल रहा तो मतदान के लिए अपने गृह राज्य जाने की जरूरत नहीं होगी। जो जहां है, वहीं से वोट डाल सकेगा। जैसे बिहार के कटिहार, पूर्णिया, अररिया जिले या बंगाल, त्रिपुरा के लोग दिल्ली में नौकरी कर रहे हैं तो वोट डालने के लिए घर जाने की जरूरत नहीं होगी। कश्मीर में बैठा कन्याकुमारी का शख्स भी वोट डाल सकेगा। वैसे, यह काम इतना आसान नहीं है। आयोग के अधिकारी सुदूर मतदान केंद्रों में डाले गए वोटों की गिनती और उसे दूसरे राज्यों में भेजने की व्यवस्था को तकनीकी चुनौती के रूप में ले रहे हैं। लेकिन यह तय है कि EVM की तरह ही RVM को मजबूत और त्रुटिरहित व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है।

क्या इंटरनेट से जुड़ेगा RVM?
हो सकता है आपके दिमाग में आए कि ईमेल, व्हाट्सएप जैसी सुविधा तो पहले से है, जहां हम किसी को कहीं से कुछ मैसेज या फोटो आदि भेज सकते हैं। ऐसा ही कुछ यह आरवीएम भी होगा। जी नहीं। अगर ऐसा हुआ तो विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। शायद यही वजह है कि आयोग ने इसे इंटरनेट से न जोड़ने का फैसला किया है। अभी आयोग के पास शुरुआती मॉडल बनकर तैयार है। आगे का रास्ता हितधारकों के विचारों, प्रतिक्रियाओं को सुनकर और मॉडल की सफलता के आधार पर तय होगा। निर्वाचन आयोग ने ‘रिमोट वोटिंग’ के कॉन्सेप्ट पर एक पत्र जारी किया है। इसमें आगे आने वाली कानूनी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और तकनीक संबंधी चुनौतियों पर पार्टियों के विचार मांगे गए हैं।

रिमोट वोटिंग पर चुनाव आयोग का प्लान
1. एक ‘रिमोट’ मतदान केंद्र से 72 निर्वाचन क्षेत्रों में ‘रिमोट वोटिंग’ की सुविधा दी जा सकेगी।
2. प्रवासी वोटरों को वोट देने के लिए अपने गृह राज्य या नगर जाने की जरूरत नहीं होगी।
3. इस मशीन को एक सरकारी कंपनी ने विकसित किया है।

निर्वाचन आयोग ने बताया है कि मान्यता प्राप्त सभी आठ राष्ट्रीय दलों और 57 राज्य स्तर की पार्टियों को शुरुआती मॉडल दिखाने के लिए 16 जनवरी को बुलाया गया है। इस मौके पर आयोग की तकनीकी विशेषज्ञ समिति के सदस्य मौजूद रहेंगे। आयोग ने बदलाव, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में परिवर्तन की बात और प्रवासी मतदाताओं के लिए मतदान की पद्धति आदि मसलों पर मान्यता प्राप्त सभी दलों से अपने विचार लिखित रूप में 31 जनवरी तक भेजने का आग्रह किया गया है। घरेलू प्रवासी किसे कहा जाएगा, आदर्श आचार संहिता को लेकर नियम क्या होंगे, मतदान की गोपनीयता कैसे रखेंगे, मतदाताओं की पहचान के लिए पोलिंग एजेंट को सुविधा देने, रिमोट मतदान की प्रक्रिया और मतों की गणना में आने वाली चुनौतियों पर आयोग ने खुद पार्टियों को जानकारी दी है।

मैंने निर्वाचन आयोग का बयान देखा है। मेरा मानना है कि यह शानदार पहल है क्योंकि घरेलू प्रवासी कामगारों के मतदान से जुड़ा मुद्दा लंबे समय से मौजूद है और हम इसका समाधान नहीं निकाल पाए हैं… यह बहुत अच्छी बात है कि वे यह सब लोकतांत्रिक तरीके से कर रहे हैं। उन्होंने इसके प्रदर्शन के लिए राजनीतिक दलों को बुलाया है।
एस वाई कुरैशी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

कुछ लोगों को लग सकता है कि वे तो अपना पंजीकरण करा लेते हैं। लेकिन सबके साथ ऐसा नहीं है। आयोग का मानना है कि कई बार प्रवासी अपने ऑफिस या कार्यस्थल के आसपास रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाते। इसकी वजह बार-बार मकान बदलने के कारण पता बदलना, जिस क्षेत्र में अस्थायी रूप से रह रहे हैं वहां के मुद्दों से जुड़ाव महसूस नहीं होता या फिर लोग चाहते हैं कि गृह नगर में मतदाता सूची से उनका नाम न कटे। ऐसे कई कारण हो सकते हैं।

कांग्रेस ने की भरोसे वाली बात
चुनाव आयोग के RVM का प्रस्ताव रखने के बाद ही कांग्रेस ने संदेह भी जता दिया। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इस पहल से चुनाव प्रणाली में भरोसा कम होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव प्रणाली में पूरी पारदर्शिता के साथ विश्वास बहाल हो। उन्होंने कहा, ‘…जर्मनी में 2009 में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान की व्यवस्था खत्म कर दी गई थी क्योंकि वोटरों को यह विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका मत सही तरीके से रिकॉर्ड हो रहा है।’ RVM पर रमेश ने कहा, ‘अगर विभिन्न क्षेत्रों की ईवीएम दूसरे स्थानों पर होंगी तो संदेह पैदा हो सकता है। इससे चुनाव प्रणाली में भरोसा गंभीर रूप से कमजोर होगा।’

प्रक्रिया भी समझ लीजिए
– रिमोट वोटर को इस सुविधा के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से पहले ही रजिस्टर कराना होगा।
– वोटर की डीटेल उसके गृह चुनाव क्षेत्र में सत्यापित की जाएगी और अनुरोध को स्वीकृति दी जाएगी।
– विशेष तौर पर बहुनिर्वाचन क्षेत्र रिमोट वोटिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
– वोटर के सत्यापन के बाद उसके निर्वाचन का कार्ड स्कैन किया जाएगा।
– डायनेमिक बैलेट डिस्प्ले के साथ आरवीएम और निर्वाचन कार्ड रीडर की मदद से रिमोट वोटर मतदान कर सकेंगे।

Latest articles

Haldi Jeera Water: वजन घटाने में बेहद कारगर है हल्दी-जीरे के पानी, बनाना भी बहुत आसान

Haldi Jeera Water: किचन में रखे कुछ मसालों का इस्तेमाल सिर्फ खाने के स्वाद...

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...