नई दिल्ली,
दिल्ली के कंझावला में अंजलि सिंह की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस लगातार सवालों के घेरे में है. एक और जहां इस मामले में शुरुआत से ही पुलिस पर लापरवाही का आरोप लग रहा है, तो वहीं, दूसरी ओर उसकी थ्योरी भी सवालों के घेरे में है. इसी बीच अंजलि की मौत के मामले में कुछ ऐसे खुलासे हुए हैं, जिनसे पुलिस की भूमिका और संदिग्ध नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि एक्सीडेंट के बाद जब आरोपी अंजलि को दिल्ली की सड़कों पर घसीट रहे थे, तब आरोपियों को पकड़ने के लिए पीसीआर वैन समेत 10 पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए थे. इसके बावजूद वे आरोपियों को नहीं पकड़ पाए.
सूत्रों के मुताबिक, कंझावला, होशंबी बॉर्डर और अमन विहार इलाके से तैनात 3 पीसीआर वैन समेत 10 पुलिस वाहन बलेनो कार की खोज में जुटे थे, लेकिन घने कोहरे की वजह से वे आरोपियों को नहीं पकड़ पाए. आरोपी कार को मुख्य सड़क की बजाय गलियों में ले गए थे.
100 घंटे की जांच, सुलझने के बजाय उलझी गुत्थी
दरअसल, 31 दिसंबर देर रात अंजलि की स्कूटी का एक्सीडेंट कार से हो गया था. इसके बाद अंजलि का पैर कार में फंस गया. आरोपी अंजलि को 12 किलोमीटर तक सड़कों पर घसीटते रहे. इसके चलते उसकी मौत हो गई. इसके बाद वे शव को सड़क पर छोड़कर भाग गए. अंजलि की मौत को 100 घंटे से ज्यादा समय हो गया. पुलिस अलग अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है, लेकिन जिस तरह से रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं, उनसे जांच सुलझने के बजाय उलझती जा रही है.
उलझती जा रही अंजलि केस की गुत्थी
1 जनवरी- पुलिस को सुल्तानपुरी में अंजलि का शव मिला. पुलिस ने एक्सीडेंट की धाराओं में केस दर्ज किया और 5 आरोपी गिरफ्तार किए.
2 जनवरी- एक्सीडेंट की थ्योरी पर सवाल उठे. पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी.
3 जनवरी- एक्सीडेंट की घटना में नए शख्स की एंट्री. ये अंजलि की सहेली निधि थी. निधि ने बताया कि वह एक्सीडेंट के वक्त अंजलि के साथ थी. निधि ने अंजलि के नशे में होने की बात कही.
4 जनवरी- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अल्कोहल का जिक्र नहीं. निधि के घर पहुंचने की टाइमिंग पर सवाल उठे. अंजलि के परिवार ने निधि के दावों को झूठा बताया.
2.30 बजे ही मिल गई थी पहली कॉल
सूत्रों के मुताबिक, 1 जनवरी को PCR को पहली कॉल रात 2:30 बजे मिली थी. इसके बाद दूसरी कॉल करीब सुबह 3.30 बजे मिली. इस दौरान पुलिस को बताया गया कि महिला का शव एक कार के नीचे फंसा है और कार चालक उसे घसीट रहा है. लेकिन घने कोहरे के चलते राहगीर पुलिस को गाड़ी का नंबर नहीं दे सके.
इसके बाद रोहिणी जिले के चार ACP की अध्यक्षता में कई टीमों का गठन किया गया था, ताकि वे कार का पता लगा सकें, साथ ही पीड़िता के साथ साथ आरोपियों की पहचान कर सकें. मामले को सुलझाने के लिए अमन विहार, प्रेम नगर, बेगमपुर और प्रशांत विहार की टीमों को तैनात किया गया था. पुलिस कंझावला इलाके में लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर वाले कैमरे की मदद से बलेनो कार का पता लगाने में सफल हुई. इसके बाद पुलिस कार के मालिक के पास पहुंची.
एक्सीडेंट के 5 मिनट बाद गुजरी थी एक पीसीआर वैन
इतना ही नहीं एक सीसीटीवी फुटेज और सामने आया है, इसमें देखा जा सकता है कि एक पीसीआर वैन तो घटना के 5 मिनट के भीतर सुल्तानपुरी और कंझावला के उसी रास्ते से गुजरी भी थी. इस पर पुलिस का कहना है कि पीसीआर वैन एक झगड़े को सुलझाने जा रही थी. वहां से तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया था. जब पीसीआर कॉल लेकर पुलिस वैन लौटी, तो उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी देखी और इलाके के SHO को इसकी जानकारी दी.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, एक्सीडेंट वाली जगह कोई मौजूद नहीं था. ऐसे में पीसीआर में मौजूद पुलिसकर्मियों को लगा कि पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया गया. इसके बाद पुलिस ने स्कूटी के मालिक का पता किया. जांच में पता चला कि ये स्कूटी अंजलि सिंह की है, जिसकी एक्सीडेंट में मौत हो गई. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने एक और सीसीटीवी फुटेज बरामद किया है, जिसमें पीड़िता शराब पीती और झगड़ा करती नजर आ रही है. हालांकि, पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में शराब पीने की बात पता नहीं चल पाई. पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट से ही पता चल पाएगा कि अंजलि नशे में थी या नहीं.
निधि झूठ बोल रही- अंजलि की मां
उधर, अंजलि की मां ने उसकी दोस्त निधि के दावों को खारिज कर दिया. अंजलि की मां ने बताया कि उनकी बेटी कभी शराब नहीं पीती थी. न ही उन्होंने कभी निधि को देखा. अंजलि की मां ने कहा कि वह हमारे घर पर कभी नहीं आई. वह झूठ बोल रही है. वहीं, पुलिस का कहना है कि निधि इस मामले में प्रमुख चश्मदीद है, क्योंकि हादसे पहले वह अंजलि के साथ नजर आई थी.
निधि के घर पहुंचने पर सस्पेंस
जांच में जुटी पुलिस को निधि के घर पहुंचने के दो सीसीटीवी मिले हैं. एक सीसीटीवी में वह गली में भागती नजर आ रही है, तो दूसरे में वह घर पहुंचती दिख रही है. निधि के घर पहुंचने का जो वीडियो सामने आया है, उसमें रात के 1.36 समय दर्ज है. जबकि पुलिस के मुताबिक अंजलि का एक्सीडेंट दो से ढाई के बीच में हुआ. ऐसे में सवाल उठ रहे कि वह घर एक्सीडेंट से पहले कैसे पहुंच गई. हालांकि, दावा किया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरे की टाइमिंग 45 मिनट पीछे है. वहीं, जिस फुटेज में वह गली में दिख रही है, वह रात 2.02 मिनट का है. पुलिस के मुताबिक, दोनों फुटेज की टाइमिंग को लेकर जांच और पूछताछ की जा रही है.
