बालासोर
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार दोपहर ओडिशा के बालासोर में ट्रेन दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे हिसाब से यह रेल हादसा रेलवे में कोऑर्डिनेशन गैप के चलते हुआ है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इस दौरान ममता बनर्जी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच दुर्घटना में मरने वालों की संख्या को लेकर विवाद हो गया। ममता बनर्जी ने कहा कि दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 500 तक हो सकती है। इस पर रेल मंत्री ने कहा कि यह 500 नहीं बल्कि 238 है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि शव अभी तक ट्रेन के तीन डिब्बों में फंसे हुए हैं, जबकि रेल मंत्री ने कहा कि बचाव अभियान समाप्त हो गया है और घायलों का बालासोर, भद्रक और कटक के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस बीच दक्षिण पूर्व रेलवे ने हादसे में मरने वालों की संख्या 261 होने की बात कही है।
ममता ने कहा कि कोरोमंडल सबसे अच्छी एक्सप्रेस ट्रेनों में से एक है। मैं तीन बार रेल मंत्री रही। मैंने जो देखा, यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना है। इस तरह के मामले रेलवे के सुरक्षा आयोग को सौंपे जाते हैं और वे जांच करते हैं और एक रिपोर्ट देते हैं … जहां तक मुझे पता है, ट्रेन में कोई एंटी-कोलिशन डिवाइस नहीं था। अगर डिवाइस ट्रेन में होता, तो ऐसा नहीं होता। मरने वालों को वापस नहीं लाया जा सकता है लेकिन अब हमारा काम बचाव अभियान और सामान्य स्थिति की बहाली है।
कब बालासोर पहुंची ममता
दरअसल बंगाल की मुख्यमंत्री शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब बालेश्वर के अस्थायी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से उतरीं। इसके बाद वह दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर ममता बनर्जी ने वहां के हालात को देखा। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की। हालांकि मुख्यमंत्री ने इस हादसे के कारणों पर संदेह जताया। ममता बनर्जी को आशंका है कि मरने वालों की संख्या पांच सौ से अधिक हो सकती है। इस बात का जिक्र ममता बनर्जी ने घटनास्थल पर पत्रकारों के सामने कही।
‘ट्रेन में कोई एंटी-कोलिशन डिवाइस नहीं’
ममता ने कहा कि यह भयानक हादसा कैसे हुआ? कोई तो वजह रही होगी। आइए पड़ताल करते हैं और पता लगाते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ट्रेन में कोई एंटी-कोलिशन डिवाइस नहीं था। इसलिए इतना भयानक हादसा हुआ। साथ ही इस दौरान ममता बनर्जी ने बंगाल सरकार की ओर से आर्थिक मदद की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि इतनी गंभीर दुर्घटना के मामले में रेलवे की ओर से 15 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। अब यह शायद बढ़कर 10 लाख हो गया है। हमारा राज्य भी मरने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपये देगा।
‘रेल मंत्रालय ठीक से निगरानी नहीं कर रहा ‘
वहीं, ममता बनर्जी ने रेलवे के सुरक्षा उपायों को लेकर भी संदेह जताया। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि रेल मंत्रालय ठीक से निगरानी नहीं कर रहा है। विशेष निगरानी की आवश्यकता है। मैं लंबे समय तक रेल मंत्री भी रही। तब इस मंत्रालय को विशेष महत्व दिया गया। रेल बजट अलग हुआ करते थे। अब वह भी नहीं है। मंत्रालय के बीच कोई तालमेल नहीं है।
‘बंगाल से रेस्क्यू आई’
ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवारों को खोया है। उनके बारे में बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। हमारे राज्य के भी कई लोग इस ट्रेन में थे। कई लोगों की जान चली गई है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। बंगाल से रेस्क्यू टीम यहां आ गई है। उन्होंने ने भी ओडिशा सरकार के बचाव कार्य में हाथ बंटाया है। 40 डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम यहां है। साथ ही 5 अधिकारियों की एक टीम बंगाल से भेजी गई है, जो उड़िया भाषा जानते हैं। इस राज्य से 110 एंबुबुलेंस भेजी गई हैं।
ओडिशा ट्रेन हादसा: तमाम विदेशी नेताओं ने किया ट्वीट
ओडिशा के बालासोर में भीषण रेल हादसे पर दुनियाभर के नेता शोक जता रहे हैं। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने ट्वीट किया। तुर्की ने बालासोर ट्रेन दुर्घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष ने भी शोक संदेश जारी किया।
ओडिशा ट्रेन हादसे पर पुतिन ने जताया शोक
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ओडिशा में हुई घातक ट्रेन दुर्घटना पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संदेश में अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, ‘इस दुखद दुर्घटना में जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हमारी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।’
