नई दिल्ली/मुंबई,
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बगावत के बाद अब बयानबाजी और बैठकों का दौर जारी है. एक तरफ शरद पवार ने गुरुवार को अपने वफादारों के साथ दिल्ली में NCP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक ली. उन्होंने बैठक में कहा कि मैं ही एनसीपी का अध्यक्ष हूं. किसी और के अध्यक्ष बनने की बात गलत है. वहीं दूसरी तरफ उनके भतीजे और NCP बागी गुट के नेता अजित पवार ने इस बैठक को ही गैरकानूनी करार दे दिया.
अजित पवार की तरफ से जारी बयान में कहा गया,’शरद पवार ने जो बैठक बुलाई है, वह गैरकानूनी है. एनसीपी के प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद ECI के अधिकार क्षेत्र में है. इसलिए पार्टी के अंदर किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का अधिकार नहीं है. बैठक में लिया गए फैसला मानने के लिए कानूनी तौर पर कोई भी बाध्य नहीं है.
दिल्ली में स्थित शरद पवार के आवास पर हुई NCP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शरद पवार के साथ सुप्रिया सुले, सांसद फौजिया खान, वंदना चव्हाण, पीसी चाको (केरल अध्यक्ष), योगानंद शास्त्री, जितेंद्र आव्हाड, विरेंद्र वर्मा (हरियाणा अध्यक्ष) भी शामिल रहे. बता दें कि शरद पवार ने आज राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अलावा राष्ट्रीय कार्यसमिति, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्य पार्टी अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी.
बैठक का क्या रिजल्ट निकला?
शरद पवार की दिल्ली में हुई बैठक के बाद पार्टी के केरल अध्यक्ष पीसी चाको ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि एनसीपी ने नई कार्यकारिणी समिता का चुनाव कर लिया है. पार्टी की सभी 27 यूनिट कमेटी शरद पवार के साथ हैं. महाराष्ट्र में पार्टी की एक भी कमेटी उनके (अजित पवार) साथ नहीं है. राज्य की 5 इकाइयों के अध्यक्ष ने लिखित पत्र भेजकर अपनी सहमति जाहिर की. जबकि, बाकी कमेटियों के चीफ बैठक में मौजूद रहे. इस मीटिंग में 8 प्रस्ताव पारित हुए. सभी ने शरद पवार के नेतृतव पर भरोसा जताया. 9 विधायकों के निष्कासन के फैसले पर भी सभी ने सहमति जारहिर की.
