20.8 C
London
Tuesday, May 26, 2026
Homeभेल न्यूज़आज भी उलझा है भेल के सोनागिरी सुपर स्पेशलिस्ट बीमा अस्पताल का...

आज भी उलझा है भेल के सोनागिरी सुपर स्पेशलिस्ट बीमा अस्पताल का मामला

Published on

– भोपाल व मंडीदीप के ढाई लाख से मजदूरों को मिलता लाभ

भोपाल

लंबे समय से गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र के सोनागिरी स्थित राज्य बीमा चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने का मामला आज भी उलझा पड़ा है । इसके बनने से भोपाल और मंडीदीप के करीब ढाई लाख मजदूरों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता। सूत्र तो यह भी बतातें हैं कि सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने की घोषणा के बाद भी राज्य सरकार के कतिपय अधिकारी अपने लाभ-शुभ के चलते इस मामले की जान बूझकर लटका रहे हैं ।

यदि राज्य सरकार के यह अधिकारी रोड़ा नहीं अटकायें तो यह सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल जल्द ही खुल सकता है क्योंकि भले ही केन्द्र सरकार ने हरी झंडी दे दी हो लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा निगम व राज्य सरकार के श्रम विभाग के कुछ अफसरों की आपसी खींचतान के चलते मामला लंबा खिंचता जा रहा है । सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद यह कहा जा रहा था कि माह सितंबर इस अस्पताल को बेहतर सुविधाऐं मिलेंगी ।

फिलहाल ईएसआई विभाग इसे राज्य सरकार को हेंड ओवर कर दे तो और जल्दी इसका रास्ता साफ हो सकता है । 6 माह से लगातार सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल शुरू नहीं होने से मजदूरों में रोष व्याप्त है । गौरतलब है कि भोपाल-मंडीदीप सहित आस-पास के जिलों में निजी संस्थानों और उद्योगों में काम करने वाले करीब 2.50 लाख निजी कर्मचारियों को अपने और अपने परिजनों के इलाज के लिए जल्द ही ज्यादा और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल खुलने से मरीजों की बेहतर जांच और इलाज और इलाज हो सकेगा। इससे भोपाल और आस-पास के जिलों में ईएसआईसी से जुड़े सभी निजी संस्थानों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों औऱ उनके परिजनों को इलाज की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें नहीं मिल रही है इस बीमा अस्पताल में
निजी कर्मचारियों की सैलरी से काटी जाने वाली राशि के बदले में ईएसआईसी और मप्र श्रम विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह बीमित व्यक्तियों को बेहतर औऱ मुफ्त इलाज मुहैया कराए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हालात ये हैं कि इतनी बड़ी राशि के लेने के बाद भी मजदूरों को बीमा अस्पताल में बेहतर इलाज तो दूर सामान्य दवाओं और सोनोग्राफी, एक्सरे जैसी सामान्य जांचों के लिए भी परेशान होना पड़ता है। स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे अस्पताल में फिलहाल स्पेशलिस्ट डॉक्टर व जांच की सुविधा नहीं है।

Latest articles

भेल थ्रिफ्ट सोसायटी का प्रतिभा सम्मान समारोह 31 मई को, उत्कृष्ट छात्र और कर्मचारी होंगे सम्मानित

भोपाल। बीएचईई थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा वर्ष 2024-25 सत्र हेतु 'प्रतिभा सम्मान...

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को देश की राजधानी...

गंगा दशहरा पर भरतपुर से ‘वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान-2026’ का आगाज, सीएम ने किया जल पूजन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भरतपुर...

10वीं और 12वीं का परिणाम रहा 100 फीसदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील सोच से मिल रही नई पहचान

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील और समावेशी सोच को धरातल पर साकार करता...

More like this

भेल थ्रिफ्ट सोसायटी का प्रतिभा सम्मान समारोह 31 मई को, उत्कृष्ट छात्र और कर्मचारी होंगे सम्मानित

भोपाल। बीएचईई थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा वर्ष 2024-25 सत्र हेतु 'प्रतिभा सम्मान...

बीएचईएल जूनियर एग्जीक्यूटिव क्लब का 60वां वार्षिक सम्मेलन, स्मारिका ‘उड़ान’ का हुआ विमोचन

मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक प्रदीप कुमार उपाध्याय का हुआ सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा...

बीएचईएल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 39 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) कॉर्पोरेट कार्यालय...