सिवान
छठे चरण के मतदान से पूर्व एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में अपील करने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे सिवान पहुंचे। जहां वे बिहार के चुनावी माहौल से लेकर अपने टिकट कटने जैसे मुद्दे पर एनबीटी से बातचीत की। अश्विनी चौबे ने कहा कि बक्सर से टिकट काटने को लेकर कुछ नेताओं ने साजिश की। जिसे वे समय रहते समझ नहीं सके। नतीजा उनके पीठ में खंजर मारा गया। उन्होंने कहा कि टिकट बांटने में कुछ नेताओं से थोड़ी गलती हुई, इसकी वजह से अभी कुछ जगहों पर संघर्ष है। इस बार एनडीए को 400 पार जाने से कोई नहीं रोक सकता।
बीजेपी के अंदर सब ठीक नहीं
उन्होंने भाजपा में दूसरी पार्टियों से आए नेताओं पर प्रहार करते हुए कहा कि आयातित माल ज्यादा हो और वह नेतृत्व शुरू कर दें तो स्वाभाविक है पार्टी की प्रकृति बिगड़ जाती है। आपातकाल का स्वर्ण जयंती आने वाला है। उन्होंने कहा कि जेपी आज अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि रात में जेपी ने अपने कमरे में मीटिंग बुलाई और लालू यादव को कमरे से बाहर निकाल दिया। छात्र आंदोलन के एक लाख पर्ची का उन्होंने अब तक हिसाब नहीं दिया है। ऐसे भ्रष्टाचारी नेताओं की वजह से जेपी जैसे सेनानी की बदनामी हुई।
अश्विनी चौबे का बयान
बक्सर से भाजपा उम्मीदवार सार्वजनिक रूप से यदि माफी मांगेंगे तो अश्विनी चौबे उनके पक्ष में बक्सर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा आज युवा नेता जल्दी आगे बढ़ने के लिए परिक्रमा का रास्ता अपना रहे हैं जबकि उन्हें राम की तरह पराक्रमी बनना चहिए। अश्विनी चौबे की बातों में दर्द छलक उठा। उन्होंने पार्टी की कार्यशैली पर इशारों में ही सही सवाल खड़ा कर दिया। अश्विनी चौबे बक्सर से सांसद हैं। उन्होंने वहां से दो बार जीत हासिल की है। तीसरी बार उन्हें टिकट की उम्मीद थी। पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्टी ने जब बाकी उम्मीदवारों के टिकट नहीं काटे, तो चौबे जी का काटना जायज नहीं है। पार्टी बक्सर में संघर्ष कर रही है। इसका कारण चौबे जी का वहां से हटना बताया जा रहा है।
आनंद मिश्र मैदान में
उधर, बक्सर में आईपीएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वाले आनंद मिश्रा की जय जयकार हो रही है। आनंद मिश्रा के समर्थन में युवा हैं। उन्होंने गांव-गांव जाकर अपना जनसंपर्क अभियान चला रखा है। आनंद मिश्रा लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपील कर रहे हैं। उन्होंने चंदे के तौर पर लोगों से एक-एक रुपया जुटाया है। इतना ही नहीं लोगों ने दिल खोलकर उन्हें चंदा भी दिया है। कुल मिलाकर मिथिलेश तिवारी और आनंद मिश्रा में टक्कर बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अश्विनी चौबे के बक्सर से दूरी बनाने की वजह से इस सीट पर बीजेपी की हालत खास्ता है।
