नई दिल्ली
स्वाति मालीवाल के साथ सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर कथित मारपीट को लेकर पुलिस की जांच जारी है। इस पूरे मामले की वजह को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं। आम आदमी पार्टी के सूत्रों के हवाले से एक बात यह भी निकल कर आई थी कि इस विवाद के पीछे राज्यसभा सीट वजह है। मीडिया रिपोर्ट में इस तरह की खबरें थी कि किसी नामी वकील को राज्यसभा भेजने के लिए सीट छुड़वाना चाहते थे। तीन दिन पहले बीजेपी की दिल्ली इकाई ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक वरिष्ठ वकील को राज्यसभा भेजना चाहते थे। और पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमला इसी से जुड़ा है।
‘प्यार से मांगते तो जान भी दे देती’
इस पर स्वाति मालीवाल ने जवाब दिया। स्वाति मालीवाल ने कहा कि देखिए अगर मेरी राज्यसभा की सीट उनको वापस चाहिए थी, अगर वो प्यार से मांगते तो मैं जान दे देती, एमपी तो बहुत छोटी बात है। स्वाति ने कहा कि आप अगर मेरा पूरा करियर देखेंगे तो मैंने कभी भी कोई भी पद की लालसा नहीं रखी। उन्होंने कहा कि 2006 में इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर मैं तब जुड़ी थी जब कोई किसी को जानता नहीं था। उस समय तीन लोग थे, उनमें से मैं एक थी। उन्होंने कहा कि मैं तब से काम करती आ रही हूं।
‘मैं बिना पद के भी काम कर सकती हूं
स्वाति मालीवाल ने कहा कि जमीन पर काम किया है। उन्होंने कहा कि 2006 से लेकर 2012 तक मैंने सारे ऑपरेशन रन किए हैं। उन्होंने कहा कि मैं उस समय उन तीन-चार लोगों में से बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा थी। स्वाति ने दोहराया कि उन्हें सांसद बने रहने की कोई लालसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ये मुझे प्यार से बोलते तो मैं हर हाल में रिजाइन कर देती। मुझे कोई समस्या नहीं है। मालीवाल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं किसी पद में बंधी हूं। मैंने बहुत काम किया है। उन्होंने कहा कि मैं बिना पद के भी काम कर सकती हूं लेकिन जिस तरीके से इन्होंने मुझे मारा और पीटा है, अब चाहे दुनिया की कोई शक्ति लग जाए, मैं किसी भी हाल में रिजाइन नहीं करूंगी। स्वाति ने कहा कि मुझे बताया जा रहा है कि इसी वजह से मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं इस समय सबसे कम उम्र की सांसद हूं। उन्होंने कहा कि मैं बहुत शिद्दत से मेहनत करूंगी।
