नई दिल्ली,
लोकसभा चुनाव की गहमा-गहमी का माहौल है. पांच चरण की वोटिंग हो चुकी है. अब छठवें और सातवें चरण की वोटिंग होनी है. इसी बीच बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने आजतक से बातचीत की. उन्होंने इस दौरान कई सवालों के बेबाकी से जवाब दिए. इसके साथ ही उन्होंने नौकरियों, गरीबी, जाति जनगणना जैसे मुद्दों पर भी बात की.
हमने 17 महीनों में दी पांच लाख नौकरियां
तेजस्वी यादव बीते कुछ दिनों से पीठ दर्द से परेशान हैं और उन्हें चलने में भी समस्या हो रही है. इसे लेकर उनसे सवाल किया गया कि, पीठ दर्द कैसा है. इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि, पीठ दर्द तो है अभी, लेकिन बेरोजगारी नौजवानों, गरीबों और महंगाई से जूझते आम नागरिक के दर्द से कम है. उन्होंने कहा कि, ये दर्द-चोट तो ठीक हो जाएगी, लेकिन सबसे पहले जो मुद्दा है लोगों की समस्याएं दूर करने का वो जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमें इसके लिए सत्रह महीने का जो मौका मिला था, तो उस दौरान हमने पांच लाख लोगों को नौकरियां दीं. तीन लाख नौकरियों को प्रक्रियाधीन करके आए हैं. इस तरह लोगों का हम पर एक विश्वास बना.
बीजेपी पर लगाया ये आरोप
सवालों के सिलसिले में तेजस्वी से पूछा गया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि, पूरे विपक्ष का बोझ आपके कंधें पर है तो उससे दर्द हो रहा हो. तब तेजस्वी ने कहा कि, नहीं ऐसा नहीं है. सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोकतंत्र को बचाने की है. ये जिम्मेदारी सिर्फ तेजस्वी पर नहीं है, जनता पर भी है. बाबा साहब का जो संविधान है, इसे बदलने की कोशिश की जा रही है और ऐसा कई नेताओं के वीडीओ में भी देखा गया है. मंचों पर ये कह रहे हैं कि ये संविधान में बदलाव करेंगे. हमें 400 सीट दे दो. बिहार, एमपी, राजस्थान कहीं भी बोला गया है. बीजेपी का हिडन एजेंडा सामने आ गया है.
हमने आरक्षण सीमाओं को 75 फीसदी बढ़ायाः तेजस्वी
इस जवाब के बाद जब तेजस्वी से कहा गया कि, बीजेपी कहती है कि हमारा संविधान बदलने का कोई इरादा नहीं है, तेजस्वी झूठ बोल रहे हैं. इस पर तेजस्वी ने कहा कि, लोकतंत्र तो खत्म हो ही गया. उन्होंने इंदौर-सूरत, चंडीगढ़ में हुए वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि, आपके पास लीडर ही नहीं कि अपने मनपसंद को वोट दे सके तो लोकतंत्र तो खत्म हुआ ही न. इसके बाद उनसे पूछा गया कि बीजेपी आरोप लगाती है कि इंडिया गठबंधन वाले मुसलमानों को आरक्षण देना चाहते हैं. इस पर तेजस्वी ने कहा कि, सत्रह महीने हम डिप्टी चीफ मिनिस्टर रहे. हम लोगों ने कास्ट बेस्ट सर्वे किया. जातिगत जनगणना कराई. इस सर्वे के बाद हमने आरक्षण की सीमाओं को 75 प्रतिशत बढ़ाया. ओबीसी, ईबीसी, एससी, एसटी और ews का बढ़ाया. हमने तो सबको दिया. जिसकी जैसी संख्या थी उसी हिसाब से हम लोगों ने दिया है.
चुनाव में लगाया धांधली का आरोप
इसके बाद तेजस्वी से अगला सवाल चुनाव में पारदर्शिता को लेकर पूछा गया. कहा गया कि, आपकी जनसभा में भीड़ काफी आती है, शोर काफी मचता है लेकिन बीजेपी कहती है कि सीट हमारी आती है. इस पर तेजस्वी ने कहा कि, आपको हम बता दें. पिछले बार जो 2020 का चुनाव था, उसमें सिर्फ ओवर आल बारह हजार वोट का ही डिफरेंस रहा. हम लोगों ने कई बार उसमें कहा कि हमारी काउंटिंग को स्लो किया गया. जो चंडीगढ़ में हुआ था वैसा ही बिहार में हुआ था. तेजस्वी ने इस दौरान चुनाव में धांधली का आरोप लगाया.
तेजस्वी से जब पूछा गया कि, सबको सरकारी नौकरी ही प्रॉमिस करेंगे, कितनों को दे पाएंगे. तो उन्होंने कहा कि अभी विपक्ष के लोग सरकार में आ जाएं 1 सेकेंड 30 लाख नौकरियां दे देंगे. जब पूछा गया कि कहां से लाएंगे तो उन्होंने कहा कि, खाली पड़े हैं पद, उन्हें भर देंगे. बजट तो है तीस लाख का, तभी तो रिक्त हैं. बिहार में जैसे किया है, वैसे ही करेंगे.
