— दिल्ली में जेसीएम की बैठक में भेल के चेयरमैन, डायरेक्टर एचआर ने दी जानकारी, अगले आठ माह महत्वपूर्ण
भोपाल।
भेल के पास कुल 135348 करोड़ रुपए के आर्डर हैं। पहले क्वार्टर में कंपनी को 200 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। आने वाले 8 महीने का समय बहुत महत्वपूर्ण है। हमें ऑर्डर पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो जाएगी, जिससे कर्मियों, पर्यवेक्षकों एवं अधिकारियों के भत्तों में पूरी तरह से कटौती हो जायेगी। इसलिए हम सभी को ऑर्डर पूरा करने के लिए काम करना होगा। यह जानकारी दिल्ली में ज्वाइंट कमेटी की बैठक में भेल के चेयरमैन व निदेशक एचआर ने कंपनी की दी।
बैठक में प्रबंधन की ओर से कहा गया कि ओवरड्राफ्ट पर ही वेतन सहित भुगतान करना होगा। प्रबंधन के भाषण के बाद यूनियन नेताओं ने बातचीत की। बीएमएस ने जेसीएम के समक्ष प्रकाशित सभी मांगें रखीं। यूनियन नेताओं की वार्ता के बाद अध्यक्ष ने बताया कि यूनियनों द्वारा रखी गई मांगों पर विचार किया जाएगा। पीपीपी के संबंध में चेयरमैन ने बताया कि चूंकि पहली तिमाही में घाटा हुआ है। इस मुद्दे पर दूसरी और तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाली तिमाही में निश्चित रूप से लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि उक्त मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया और शीघ्र ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। इनमें छुट्टी का नकदीकरण, कैंटीन सब्सिडी, चिकित्सीय मुद्दे, नगरपालिका की समस्याएँ, लैपटॉप प्रतिपूर्ति, त्योहार अग्रिम, कर्मचारियों के कल्याण संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
अगस्त में होगी केंद्रीय नेताओं की बैठक
उपरोक्त मुद्दों को अंतिम रूप देने के लिए अगस्त माह में केंद्रीय नेताओं की बैठक आयोजित की जाएगी। पीपीपी और एसआईपी के संबंध में जेसीएम को 15 से 25 अक्टूबर 2024 के बीच बुलाया जाएगा।
