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Tuesday, April 28, 2026
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हसन नसरल्लाह की मौत पर कैसे बंटा इस्लामिक उम्मा, कोई गम तो कोई खुशी मना रहा, यह शिया-सुन्नी का झगड़ा तो नहीं?

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बेरूत

लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के 64 वर्षीय प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत पर मुस्लिम जगत में दो तरह की प्रतिक्रियाएं हुईं। जहां एक तरफ समुदाय का एक बड़ा हिस्सा नसरल्लाह की हत्या से आक्रोशित था और अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर आया। वहीं, दूसरी ओर एक वर्ग ऐसा भी था, जिसने इस पूरी घटना का जश्न मनाया। हिजबुल्लाह सरगना की मौत का दुख भारत में भी देखा गया। नसरल्लाह की मौत के बाद कश्मीर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

कश्मीर में भी हुए प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने नसरल्लाह की हत्या पर शोक जताने के लिए अपना चुनाव अभियान एक दिन के लिए रोक दिया। कश्मीर की सड़कों पर इजरायल और अमेरिका विरोधी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने हिजबुल्लाह नेता की तस्वीर के साथ सड़कों पर मार्च किया। ईरान में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए, क्योंकि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया था।

नसरल्लाह की मौत का जश्न भी मना
हालांकि, मुस्लिम समाज का एक वर्ग ऐसा भी था जिसने हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत का जश्न मनाया। नसरल्लाह और उसके लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के वर्षों से किए गए अत्याचारों से पीड़ित लोगों ने नाच-गाकर और सड़कों पर उतरकर उसकी मौत का जश्न मनाया। कई जगहों पर मिठाईयां बांटी गई तो कई लोगों ने कारों के हॉर्न बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। ऐसे में सवाल उठता है कि हसन नसरल्लाह के मौत पर मुस्लिम दुनिया इतनी विभाजित क्यों है? इस विभाजन की जड़ क्या है?

नसरल्लाह की मौत से कश्मीर ‘आक्रोशित’ क्यों था?
नसरल्लाह ने तीन दशकों से अधिक समय तक हिजबुल्लाह का नेतृत्व किया। दुनियाभर में शिया समुदाय के बीच नसरल्लाह को काफी प्रतिष्ठा प्राप्त थी। कश्मीर में भी, शिया समुदाय उन्हें “प्रतिरोध का प्रतीक” मानता था। हिजबुल्लाह द्वारा नसरल्लाह की मौत की पुष्टि किए जाने के कुछ समय बाद ही श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने अपना चुनाव प्रचार बंद कर दिया। महबूबा मुफ्ती ने भी एक्स पर लिखा, “लेबनान और गाजा के शहीदों, खास तौर पर हसन नसरल्लाह के साथ एकजुटता दिखाते हुए कल अपना अभियान रद्द कर रही हूं। हम इस दुख और अनुकरणीय प्रतिरोध की घड़ी में फिलिस्तीन और लेबनान के लोगोंके साथ खड़े हैं।”

ईरान में निकली रैलियां, राष्ट्रीय शोक
इस बीच, ईरान में भी हिजबुल्लाह नेता की मौत पर विरोध प्रदर्शन और शोक मनाया गया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल को चेतावनी दी कि नसरल्लाह की हत्या का “बदला लिए बिना नहीं रहा जाएगा”। खामेनेई ने ईरान में पांच दिनों के शोक की भी घोषणा की और 57 सदस्यीय इस्लामिक सहयोग संगठन की आपातकालीन बैठक बुलाई। इतना ही नहीं, तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक भी बुलाई।

पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन
लेकिन क्या वाकई शिया-सुन्नी विभाजन की स्थिति है? क्योंकि पाकिस्तान में भी प्रदर्शन हो रहे थे, जो कि मुख्य रूप से सुन्नी बहुल देश है। पाकिस्तान में, खास तौर पर कराची शहर में झड़पें हिंसक हो गईं, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया। पुलिस अधीक्षक रजा ने कहा, “जब पुलिस ने उन्हें रोका और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के लिए उनके सहमत मार्ग की याद दिलाई, तो उनमें से कुछ हिंसक हो गए और पुलिस पर पत्थरबाजी करने लगे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।”

तो नसरल्लाह की मौत का जश्न कौन मना रहा था?
हसन नसरल्लाह की मौत का जश्न सबसे ज्यादा मध्य पूर्व में देखने को मिला। चहां वह सुन्नी बहुल सीरिया हो या शिया बहुल ईरान। कई इलाकों में लोगों ने नसरल्लाह की मौत का जबरदस्त जश्न मनाया। सीरिया में सरकार के नियंत्रण से बाहर के इलाकों में रहने वाले कुछ लोगों ने नसरल्लाह की हत्या का जश्न मनाया। इसमें विद्रोही गढ़ इदलिब भी शामिल है। ऑनलाइन प्रसारित वीडियो में, लोग शनिवार की सुबह सीरियाई झंडे लहराते और मिठाइयां बांटते हुए देखे गए।

सीरिया में हिजबुल्लाह से नफरत करते हैं विद्रोही
सीरिया के कई विपक्षी समर्थक और कार्यकर्ता हिजबुल्लाह से नफरत करते हैं क्योंकि इस लेबनानी समूह ने गृहयुद्ध के दौरान देश के कई इलाकों में विद्रोही ताकतों से लड़ाई लड़ी थी। इससे न केवल विपक्षी गुटों को भारी नुकसान हुआ, बल्कि हजारों लोगों को देश छोड़कर भागना पड़ा। ईरान के कुछ हिस्सों में भी जश्न मनाया गया। लेकिन विरोध प्रदर्शन की प्रकृति थोड़ी अलग थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार, कई ईरानी महिलाएं इस खबर का जश्न मनाती नजर आईं।

ईरान में भी नसरल्लाह के मौत का जश्न
वीडियो में बोलने वाले लोगों ने जोर से कहा, “ईरान के बच्चों, हसन नसरल्लाह की मौत पर सभी को बधाई संदेश भेजें और ईरानी राष्ट्र को बधाई दें।” उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद भी कहा। इतना ही नहीं, शाह समर्थक ईरानी भी लंदन में इजरायली दूतावास के बाहर हिजबुल्लाह नेता की मौत का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए। सऊदी अरब में कुछ उल्लेखनीय हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जश्न मनाया, जिसे उन्होंने “एक युग का अंत” और “अरब, इस्लाम और दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक की मौत” कहा।

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