नई दिल्ली,
कुछ हफ्तों पहले एक खबर आई थी कि यूक्रेन से जंग लड़ने के लिए ईरान ने रूस को अपनी फतह मिसाइल दी थी. अब रूस ईरान को इजरायल पर हमला करने के लिए अपनी इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइल दे रहा है. अगर यह मिसाइल ईरान हासिल कर लेता है तो इजरायल की हवाई सुरक्षा को खतरा है.
इस मिसाइल ने यूक्रेन के पोल्तावा शहर में भारी तबाही मचाई थी. जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे. इसके अलावा 219 से ज्यादा जख्मी हुए. अगर ठीक है ऐसा हमला ईरान ने इजरायल के खिलाफ किया तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के किसी भी शहर में भारी तबाही मच सकती है.
कम दूरी इस मिसाइल का पूरा नाम 9K720 इस्कंदर है. इसकी रेंज 500 km है. रूस ने 2020 में पुरानी OTR-21 Tochka मिसाइल को हटाने के लिए इस मिसाइल को दुनिया के सामने पेश किया था. अभी इस मिसाइल का इस्तेमाल रूस के अलावा, आर्मेनिया, अल्जीरिया, बेलारूस भी कर रहे हैं.
3800 kg वजन, 6 तरह के हथियार लगाने की ताकत
सिंगल स्टेज की इस मिसाइल का वजन 3800 किलोग्राम है. 24 फीट लंबी मिसाइल का व्यास 3 फीट है. इसमें 480 से 700 किलोग्राम वजन का वॉरहेड यानी हथियार लगाया जा सकता है. इसमें छह तरह के हथियार लगा सकते हैं.
इसमें 6 प्रकार के हथियार लगते हैं- थर्मोन्यूक्लियर वेपन यानी परमाणु हथियार, हाई-एक्सप्लोसिव फ्रैगमेंटेशन यानी भयानक विस्फोट वाला हथियार, सबम्यूनिशन यानी छोटे-छोटे कई धमाके करने वाला हथियार, पेनेट्रेशन यानी किसी बंकर या इमारत को पूरी तरह गिराने वाला, फ्यूल-एयर एक्सप्लोसिव या ईएमपी.
रेंज 500 km लेकिन स्पीड एक सेकेंड में 2 किलोमीटर
इस्कंदर मिसाइल की रेंज 400 से 500 किलोमीटर है. यह मिसाइल एक सेकेंड में 2 किलोमीटर की दूरी तय करती है. यानी 7285.32 km/hr की स्पीड से दुश्मन पर हमला. टारगेट को बचने का कोई चांस नहीं मिलता. यह कई तरह के नेविगेशन सिस्टम पर काम कर सकता है. जैसे इनर्शियल गाइडेंस, ऑप्टिकल डीएसमैक, टेरकॉम, जीपीएस, ग्लोनास. इसकी एक्यूरेसी रेट 1 से 30 मीटर है. यानी टारगेट से इतनी दूर भी मिसाइल गिरे तो तबाही पूरी और खतरनाक होगी.
तीन वैरिएंट्स हैं इस मिसाइल के रूस के पास
इसके तीन वैरिएंट्स हैं. इस्कंदर-एम जिसका इस्तेमाल रूसी सेना कर रही है. यह बैलिस्टिक मिसाइल हैं. इस्कंदर-के एक क्रूज मिसाइल है. और इस्कंदर-ई यानी नए तरह की परमाणु मिसाइल, आसमान में 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है
