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भारत के उच्चायुक्त को बुलाने के फैसले से भड़का कनाडा, 6 भारतीय राजनयिकों को देश से निकाला

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ओटावा:

कनाडा ने भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को बुलाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कनाडा की सरकार ने 14 अक्टूबर की सुबह छह भारतीय राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इस आदेश में कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और टोरंटो में अन्य शीर्ष राजनयिक अधिकारियों को देश छोड़ने के लिए कहा गया है। भारत ने अपने उच्चायुक्त को बुलाने का फैसला सोमवार को कनाडा से एक डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन मिलने के बाद किया है।

डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन में क्या था
इस डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन में कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य भारतीय राजनयिकों पर जून 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में जुडे़ होने का आरोप लगाया है। भारत ने कनाडा के इस रवैये पर विरोध जताते हुए दिल्ली स्थित उसके मिशन के सीनियर डिप्लोमैट को समन किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में भारतीय उच्चायोग और अन्य राजनयिकों पर बेबुनियाद निशाना अस्वीकार्य है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को कल कनाडा से एक राजनयिक संदेश मिला, जिसमें कहा गया था कि भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिक उस देश में एक मामले के सिलसिले में चल रही जांच की निगरानी में हैं। मंत्रालय ने कहा, भारत सरकार इन बेतुके आरोपों को दृढ़ता से खारिज करती है और इन्हें ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे के लिए जिम्मेदार ठहराती है, जो वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित है।

भारत बोला- हम भी करेंगे कार्रवाई
उसने कहा कि भारत अब भारतीय राजनयिकों के खिलाफ आरोपों को गढ़ने के कनाडा सरकार के इन नवीनतम प्रयासों के जवाब में आगे कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, चूंकि प्रधानमंत्री ट्रूडो ने सितंबर 2023 में कुछ आरोप लगाए थे, इसलिए कनाडा सरकार ने हमारी ओर से कई अनुरोधों के बावजूद भारत सरकार के साथ सबूतों का एक अंश भी साझा नहीं किया है।

भारत को बदनाम करने की साजिश
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा का नवीनतम कदम उन बातचीत के बाद उठाया गया है, जिसमें फिर से बिना किसी तथ्य के दावे किए गए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इससे कोई संदेह नहीं रह जाता कि जांच के बहाने राजनीतिक लाभ के लिए यह भारत को बदनाम करने की जानबूझकर रची गई रणनीति है। उसने कहा कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का भारत के प्रति बैरपूर्ण स्वभाव लंबे समय से स्पष्ट है।

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