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आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं, पीएम मोदी ने कजान से पाकिस्तान को दे दिया बड़ा संदेश

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नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के बाद रूस की हेरिटेज सिटी कजान से भारत लौट रहे। ब्रिक्स समिट के दौरान उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की। यही नहीं ब्रिक्स समिट में भी कई अहम मुद्दों को उठाया। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।

इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को इशारों-इशारों को सख्त संदेश भी दे आए। यही नहीं ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया, जो इजराइल-गाजा युद्ध को रोकने में विफलता के लिए आलोचना का सामना कर रहा है।

पाकिस्तान को पीएम मोदी का सीधा संदेश
पीएम मोदी ने कजान से पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कजान में ब्रिक्स समिट के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जहां उन्होंने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है। हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, बहुपक्षीय विकास बैंक, विश्व व्यापार संगठन जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।

टेररिज्म का मुद्दा उठाते हुए ये बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इस दौरान टेररिज्म का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और इसकी फंडिंग से निपटने के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा और दृढ़ता से सहयोग करना होगा। पाकिस्तान को साफ-साफ शब्दों में संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर दोहरे मानदंड के लिए कोई जगह नहीं है। हमें अपने देश के युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।

ब्रिक्स की छवि को लेकर कही बड़ी बात
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि इस संगठन की छवि ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हम वैश्विक संस्थाओं में सुधार नहीं करना चाहते बल्कि उन्हें बदलना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया, यूरोप के कुछ हिस्से (रूस, यूक्रेन) और अफ्रीका मानवता के संकट से जूझ रहे, हम युद्ध का नहीं, संवाद और कूटनीति का समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम विभाजन की बात हो रही है। हमें दुनिया को यह संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं बल्कि जनहित का समूह है।

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