4.9 C
London
Saturday, April 25, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयदुनिया की सबसे ज्यादा जानलेवा संक्रामक बीमारी कौन, WHO ने किया नाम...

दुनिया की सबसे ज्यादा जानलेवा संक्रामक बीमारी कौन, WHO ने किया नाम का खुलासा

Published on

जिनेवा

दुनियाभर में हर साल बीमारियों से लाखों-करोड़ों लोगों की मौत होती है। इनमें से बहुत सारे मामले ऐसे होते हैं, जो सरकारी रेकॉर्ड में दर्ज नहीं होते। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि दुनिया की सबसे ज्यादा जानलेवा संक्रामक बीमारी कौन सी है और हर साल इसके कितने मरीज सामने आ रहे हैं। मंगलवार को प्रकाशित विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) ने 2023 में कोविड-19 की जगह ले ली है। वर्तमान में टीबी संक्रामक बीमारी से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण बन गया है। इस रिपोर्ट में इस बीमारी को खत्म करने के वैश्विक प्रयासों में चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया है।

2023 में कितने लोगों को हुआ था टीबी?
पिछले साल लगभग 82 लाख लोग टीबी से संक्रमित हुए थे। यह डब्ल्यूएचओ द्वारा 1995 में वैश्विक टीबी निगरानी शुरू करने के बाद से दर्ज की गई सबसे अधिक संख्या है। संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी के अनुसार 2022 में 75 लाख लोग टीबी से संक्रमित हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, डेटा से पता चलता है कि टीबी का उन्मूलन अभी भी एक दूर का लक्ष्य है क्योंकि इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पैसों की कमी जैसी लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

डब्लूएचओ चीफ निराश क्यों?
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने संवाददाताओं से कहा, “यह तथ्य कि टीबी अभी भी इतने सारे लोगों को मारता है और बीमार करता है। यह एक अपमानजनक बात है, जबकि हमारे पास इसे रोकने, इसका पता लगाने और इसका इलाज करने के उपकरण हैं।” हालांकि, टीबी से संबंधित मौत की संख्या 2022 में 1320000 से घटकर 2023 में 1250000 हो गई है। इसके बावजूद बीमार पड़ने वाले लोगों की कुल संख्या 2023 में अनुमानित 1080000 तक थोड़ी बढ़ गई है।

टीबी से गरीब देश सबसे ज्यादा प्रभावित
एजेंसी ने कहा कि बीमारी के बोझ को कम करने के लिए वैश्विक मील के पत्थर और लक्ष्य पटरी से उतर गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2027 के लिए निर्धारित अन्य लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए काफी प्रगति की आवश्यकता है। निम्न और मध्यम आय वाले देश, जो बीमारी का 98% बोझ उठाते हैं, को महत्वपूर्ण धन की कमी का सामना करना पड़ा। 2023 में, नए टीबी के मामलों की अनुमानित संख्या और रिपोर्ट किए गए लोगों के बीच का अंतर लगभग 2700000 तक कम हो गया, जो 2020 और 2021 में COVID-19 महामारी के स्तर लगभग 4000000 से कम है।

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...