नई दिल्ली
अमेरिका के जाने-माने निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे लगातार अपना कैश बढ़ा रही है। तीसरी तिमाही में कंपनी के पास कैश रिजर्व रेकॉर्ड $325.2 अरब पहुंच गया। यह भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप से करीब 117 अरब डॉलर ज्यादा है। मुकेश अंबानी की कंपनी का मार्केट कैप अभी करीब 208 अरब डॉलर है। 94 साल के बफे 1965 से बर्कशायर की अगुवाई कर रहे हैं और माना जा रहा है कि वह कंपनी की कमान वाइस चेयरमैन ग्रेग एबल को सौंपेगे। सवाल यह है कि जब अमेरिका का बाजार रेकॉर्ड स्तर पर है तो बफे इतना कैश जमा क्यों कर रहे हैं?
अमेरिका में एसएंडपी 500 इंडेक्स अक्टूबर 2023 से अब तक 40 फीसदी चढ़ चुका है। यह कंपनी के 12 महीने की इतिहास में सबसे बड़ी उछाल में से एक है। साफ है कि बफे अपनी कंपनी को रिस्क में नहीं डालना चाहते हैं। न केवल उन्होंने कैश होल्डिंग बढ़ाई है बल्कि ट्रेजरी बिल्स को भी बढ़ाकर 288 अरब डॉलर कर दिया है। तीसरी तिमाही में बर्कशायर हैथवे ने किसी भी कंपनी के शेयर नहीं खरीदे जबकि पिछले साल समान तिमाही में कंपनी ने 34.5 करोड़ डॉलर के शेयर खरीदे थे। पिछले दो साल में कंपनी के कैश बैलेंस में काफी तेजी आई है।
लालच बुरी बला है…
बर्कशायर हैथवे का कैश बैलेंस दुनिया की कई कंपनियों के मार्केट कैप से अधिक है। तीसरी तिमाही में कंपनी ने दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी ऐपल के 14.3 अरब डॉलर के शेयर बेचे। पिछले दो साल में बफे ने ऐपल के 100 अरब डॉलर के शेयर बेचे हैं। दुनिया के टॉप रईसों में शामिल बफे कहा करते हैं कि जब दूसरे लोग लालची हों तो आपको दूर रहना चाहिए और जब दूसरे लोग डरे हुए हों तो आपको लालची बनना चाहिए। साफ है कि जब मार्केट उछाल मार रहा है तो बफे इससे दूर रहना चाहते हैं।
