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भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, 16 महीने बाद ‘छिन’ गईं सांचौर की खुशियां, जालोर का बढ़ा दायरा

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जालोर:

राजस्थान की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने सांचौर को जिला बनाकर लोगों को जो खुशियां दी थीं, उन खुशियों को भजनलाल सरकार ने 16 महीने बाद छीन लिया। राजस्थान की भाजपा सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए सांचौर को जिला बनाए जाने के फैसले को निरस्त कर दिया है। 7 अगस्त 2023 को कांग्रेस सरकार ने सांचौर को जिला घोषित किया था, जिसमें रानीवाड़ा, चितलवाना और बागोड़ा पंचायत समितियां शामिल थीं। लेकिन रानीवाड़ा और बागोड़ा के कुछ लोगों ने सांचौर में शामिल होने का विरोध किया था। इस फैसले की पुनः समीक्षा के बाद 16 महीने बाद सांचौर का जिला दर्जा खत्म कर दिया गया। अब सांचौर फिर से जालोर जिले का हिस्सा बन गया है।

भू-भाग बढ़ाने का विचार, लेकिन जनता के विरोध से पलटा फैसला
सूत्रों के अनुसार, भाजपा सरकार ने सांचौर जिले को बनाए रखने और इसमें बाड़मेर के गुड़ामालानी क्षेत्र को जोड़ने का विचार किया था। लेकिन गुड़ामालानी के लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया और परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। सरकार ने स्थिति को देखते हुए सांचौर जिला खत्म करना ही उचित समझा। इसके साथ ही जालोर जिला प्रशासनिक रूप से पुराने स्वरूप में लौट आया।

सांचौर का जिला दर्जा खत्म होने पर क्या कहना है स्थानीय नेताओं का?

पुखराज पाराशर: जनता के साथ अन्याय
राजस्थान जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि यह निर्णय जनता की उम्मीदों और विकास के सपनों के साथ कुठाराघात है। सांचौर को जिला बनाना क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, और इसे खत्म करना गलत है।

सुखराम विश्नोई: निर्णय से जनता आक्रोशित
पूर्व राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि अगर तिजारा, डीग और सलूम्बर जिले बनाए जा सकते हैं, तो सांचौर को क्यों नहीं रखा गया? सांचौर जालोर से काफी दूर है और इसे जिला बनाए रखना जरूरी था।

योगेंद्रसिंह कुम्पावत: आमजन को तकलीफ देने वाला कदम
जालोर कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्रसिंह कुम्पावत ने कहा कि सांचौर की जालोर से दूरी 150 किलोमीटर है। सांचौर का अंतिम गांव जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सांचौर जिला खत्म करना ग्रामीणों के लिए प्रशासनिक कार्यों को मुश्किल बनाता है।

देवजी एम पटेल: पुनः समीक्षा की मांग
पूर्व सांसद देवजी एम पटेल ने कहा कि सरकार ने नियमों के आधार पर सांचौर जिला खत्म किया है। लेकिन इसे पुनः समीक्षा करवाकर दोबारा जिला बनाए जाने की कोशिश करेंगे।

श्रवणसिंह राव: पैरामीटर पर खरा नहीं उतरा सांचौर
भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने जनप्रतिनिधियों की सहमति के बिना सांचौर को जिला बनाया था। यह पैरामीटर पर खरा नहीं उतर पाया।

जनता में गुस्सा, आगे की रणनीति पर विचार
भजनलाल सरकार के इस फैसले से सांचौर की जनता में गहरा आक्रोश है। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक कठिनाइयों को बढ़ाएगा, बल्कि विकास की संभावनाओं पर भी असर डालेगा। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और इसे जनता विरोधी कदम बताया है।

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