अहमदाबाद/सूरत:
लोकसभा चुनावों में बीजेपी को सूरत में निर्विराेध जीत मिली थी। गुजरात बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल के गृह जनपद से लोकसभा में बीजेपी के पहले निर्विरोध लोकसभा सांसद के तौर पर मुकेश दलाल पहुंचे थे, लेकिन संगठन चुनावों में गुजरात की डायमंड सिटी में खूब जोरआजमाइश देखने को मिल रही है। सूरत शहर अध्यक्ष बनने के लिए 70 नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावेदारी ठोंकी है। सूरत के मौजूदा शहर अध्यक्ष निरंजन जांजमेरा हैं। उन्हें केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल का भरोसेमंद माना जाता है। ऐसे में जब मकर संक्रांति यानी उत्तरायण के पर्व के बाद गुजरात के नए बीजेपी अध्यक्ष का ऐलान होना है तब सूरत का शहर अध्यक्ष कौन बनेगा? इस पर सभी की नजरें लगी हुई हैं।
क्या महिला नेता को मिलेगी कमान?
सूरत के मौजूदा शहर अध्यक्ष निरंजन जांजमेरा ने मेयर रहने के बाद संगठन की जिम्मेदारी संभाली थी। सूत्रों की मानें तो जांजमेरा जहां एक और कार्यकाल चाहते हैं, लेकिन उन्हें सूरत की पूर्व मेयर हेमाली बोघावाला और पूर्व विधायक झंखना पटेल से कड़ी चुनौती मिल रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी संगठन चुनावों में गुजरात के आठ बड़े शहरों में एक शहर में महिला नेता को कमान सौंप सकती है। अगर ऐसा होता है तो हेमाली बोघावाला या फिर झंखना पटेल की लॉटरी लग सकती है। गुजरात के अहमदाबाद के बाद सूरत सबसे बड़ा शहर है। इसके बाद वडोदरा और राजकोट, भावनगर और जामनगर के बाद जूनागढ़ और गांधीनगर आते हैं।
शहर अध्यक्ष की दौड़ में भजियावाला भी
हेमाली बोघावाला अपने मेयर के कार्यकाल में काफी चर्चा मे रही थीं। चोर्यासी से विधायक रही झंखना पटेल भी काफी सक्रिय महिला नेताओं में शामिल हैं। 2022 में पार्टी ने झंखना पटेल का टिकट काट दिया था। अब देखना है कि शहर अध्यक्ष की कुर्सी किसे मिलती है। सूरत शहर अध्यक्ष की दौड़ में नितिन भजियावाला का नाम भी शामिल है। वह पूर्व में सूरत शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं। वह निरंजन जांजमेरा से पहले शहर अध्यक्ष थे। सूरत के शहर अध्यक्ष की कुर्सी को इसलिए भी अहम है क्योंकि हीरानगरी दक्षिण गुजरात की राजनीति का केंद्र है।
भजियावाला को छोड़कर सभी ओबीसी
सूरत शहर अध्यक्ष निरंजन जांजमेरा सौराष्ट्रवासी प्रजापति हैं। वे ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। जांजमेरा 2013 से 2015 तक सूरत के मेयर रहे हैं। पूर्व विधायक झंखना कोली पटेल हैं जबकि हेमाली बोघावाला मोढ वाणिक हैं। दोनों ही ओबीसी वर्ग से आती हैं, जबकि नितिन भजियावाला ब्राह्मण हैं। उनका असली सरनेम जोशी है। सूरत के शहर अध्यक्ष की कुर्सी जिसे भी मिलेगी? उसके ऊपर सूरत में बीजेपी को लोकल लेवल पर मजबूत करने की चुनौती होगी? 2021 सूरत महानगर चुनावों से ही आप ने गुजरात में एंट्री ली थी। आप के सूरत में 27 पार्षद जीते थे।
