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Thursday, June 4, 2026
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क्या दूसरे राज्य की पुलिस दिल्ली में किसी नेता को दे सकती है सुरक्षा?

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नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा का मुद्दा गरमाता जा रहा। मुख्यमंत्री आतिशी ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को जान से मारने की साजिश चल रही है, इसमें बीजेपी और दिल्ली पुलिस की मिलीभगत है। बीजेपी और अमित शाह किसी भी तरह से अरविंद केजरीवाल को खत्म करना चाहते हैं।

केजरीवाल की सुरक्षा पर सियासी घमासान
आतिशी ने ये आरोप उस समय लगाए जब पंजाब पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात अपने जवानों को वापस बुला लिया। आतिशी ने कहा कि बीजेपी अरविंद केजरीवाल को खत्म करना चाहती है। दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने अरविंद केजरीवाल को पंजाब पुलिस की सुरक्षा बहाल करने और उनकी सुरक्षा का ऑडिट कराने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है।

केजरीवाल की सुरक्षा से हटे पंजाब पुलिस के जवान
अरविंद केजरीवाल को बचाने में पंजाब पुलिस अहम भूमिका निभा रही है, बीजेपी ने उसे हटाने की साजिश रची। आतिशी ने शुक्रवार को सवाल उठाए कि क्या देश में आजतक कभी ऐसा हुआ है कि जिसे Z+ सुरक्षा मिली हो और उसके ऊपर बार-बार हमला किया गया हो और पुलिस सामने तक ना आए, हमलावरों को पकड़ा तक ना जाए?

आतिशी ने उठाए सवाल, केंद्र और बीजेपी को घेरा
आतिशी ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को जान से मारने की साजिश में बीजेपी और दिल्ली पुलिस की मिलीभगत है। अरविंद केजरीवाल के ऊपर जब-जब हमला हुआ तब-तब हमलावर बीजेपी के कार्यकर्ता निकले। हर बार हमले के दौरान दिल्ली पुलिस ने हमलावरों को नहीं रोका। बीजेपी और दिल्ली पुलिस की जुगलबंदी से आम आदमी पार्टी के संयोजक पर हमला करवाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी और दिल्ली की सीएम भले ही केजरीवाल की सुरक्षा से पंजाब पुलिस के जवानों को हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल खड़े कर रही हों, लेकिन सवाल ये कि क्या दूसरे राज्य की पुलिस दिल्ली में किसी नेता को सुरक्षा दे सकती है?

दूसरे राज्य की पुलिस क्या दे सकती है सुरक्षा, जानिए नियम
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को Z+ सिक्योरिटी मिली हुई है। जेड प्लस सुरक्षा मिलने पर 55 जवानों की तैनाती हमेशा रहती है। इनमें 10 एनएसजी के कमांडो भी होते हैं। इनके अलावा दिल्ली पुलिस के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं। अब सवाल ये कि क्या दूसरे राज्य की पुलिस दिल्ली में किसी नेता की सुरक्षा में तैनात हो सकती है। जानकारों के मुताबिक, ऐसा कोई नियम नहीं है। दिल्ली का कोई नेता दूसरे राज्य की सुरक्षा न तो ले सकता है और न ही मिल सकती है।

महज 72 घंटे ही रख सकते हैं दूसरे राज्य की सिक्योरिटी
अरविंद केजरीवाल के मामले भी यही हुआ है। नियमों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल दूसरे राज्य की सुरक्षा नहीं ले सकते। दूसरे राज्य से उन्हें सुरक्षा मुहैया भी नहीं कराई जा सकती है। ये कानून तौर पर गलत है। अगर दूसरे राज्य से कोई राजनीतिक दिग्गज दूसरे राज्य में आते हैं तो वो भी अपनी सिक्योरिटी 72 घंटे ही रख सकते हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस को मामले की जानकारी देनी होगी। अगर दिल्ली पुलिस को जानकारी नहीं जाती तो ये कानून तौर पर ठीक नहीं माना जाएगा। इन्ही नियमों के तहत बीजेपी ने चुनाव आयोग से केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। जिसके बाद पंजाब पुलिस ने केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात जवानों को वापस बुला लिया।

केजरीवाल की सुरक्षा वापस लेने पर पंजाब पुलिस के डीजीपी ने क्या कहा
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने गुरुवार को ही इस बात की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि समय-समय पर हमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को धमकियों की रिपोर्ट मिलती है और हम उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करते हैं। हालांकि इस बार दिल्ली पुलिस और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए हमने अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा से पंजाब पुलिस के जवानों को हटा लिया है।

पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि हमने उन्हें अपनी समस्याएं बता दी हैं। हम उनके संपर्क में बने रहेंगे। हम अपनी सूचनाएं दिल्ली पुलिस के साथ साझा करेंगे। यह घटनाक्रम पांच फरवरी को 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव से पहले हुआ है। चुनाव परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

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