नई दिल्ली,
दिल्ली में बीजेपी का 27 साल का सूखा खत्म हो गया है. बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं और बंपर बहुमत हासिल किया है. 11 साल सत्ता में रही आम आदमी पार्टी सिर्फ 22 सीटों पर सिमट गई. बीजेपी में अब सीएम फेस पर मंथन शुरू हो गया है. इस बीच, खबर है कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बैठक में दिल्ली की नई सरकार की रूपरेखा पर चर्चा हो सकती है.
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी रविवार को पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष सचदेवा आज शाम सभी जीते हुए विधायकों से मिलेंगे और जीत की बधाई देंगे. विधायकों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. इससे पहले शनिवार शाम बीजेपी दफ्तर में जीत का जश्न मनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ शपथ ग्रहण को लेकर चर्चा हुई और दिल्ली में बनने वाली सरकार की रूपरेखा को लेकर बातचीत हुई है.
इससे पहले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, मुख्यमंत्री चुनने का निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा. सभी नवनिर्वाचित विधायक पार्टी द्वारा उन्हें सौंपे गए कर्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम हैं.
शपथ ग्रहण में आएंगे एनडीए के नेता
माना जा रहा है कि पीएम मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह भव्य होगा, इसलिए थोड़ा समय लिया जा रहा है. कार्यक्रम में एनडीए नेताओं को बुलाया जाएगा. इसके साथ ही सभी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा होंगे.
10 दिन में मिल जाएगा नया मुख्यमंत्री!
हालांकि, बीजेपी के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख अभी तय नहीं हुई है. शनिवार को बीजेपी की जीत के बाद पार्टी के प्रदेश प्रभारी बैजयंत पांडा ने कहा था कि दिल्ली को अगले 10-15 दिनों में नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा. पार्टी में सीएम के चयन को लेकर एक पूरी प्रक्रिया का पालन करना होता है. उन्होंने कहा, हमारे पास सामूहिक नेतृत्व है और मुख्यमंत्री का चयन एक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा.
दिल्ली में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं और बहुमत के लिए 36 सीटें होना जरूरी है. दिल्ली में बीजेपी ने पहली बार 1993 में जीत हासिल की थी. उसके बाद 1998 के चुनाव में बीजेपी हार गई थी और कांग्रेस ने सरकार बनाई थी. राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस ने 1998, 2003 और 2008 में जीत हासिल की. उसके बाद 2013 में चुनाव हुए तो बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत से दूर गई. ऐसे में कांग्रेस ने बाहर से AAP को समर्थन दिया और अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए. ये सरकार सालभर तक चली और फिर केजरीवाल को इस्तीफा देना पड़ा. बाद में 2015 और 2020 के चुनाव में AAP ने बंपर जीत हासिल की.
BJP में नए सीएम को लेकर कवायद
अब 27 साल बाद एक बार फिर बीजेपी ने जीत हासिल की. बीजेपी में अब नए सीएम को लेकर कवायद तेज हो गई है. नई दिल्ली सीट से बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल का विजय रथ रोका है. उन्होंने 4,089 वोटों से शानदार जीत हासिल की है. फिलहाल, बीजेपी में सीएम रेस में प्रवेश वर्मा का नाम भी चल रहा है.
