नई दिल्ली
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रविवार को अचानक ही राजभवन जाकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बीरेन सिंह के इस्तीफे पर कांग्रेस पार्टी ने रिएक्ट किया है। विपक्षी पार्टी ने मणिपुर सीएम के इस्तीफे को देर से उठाया गया कदम बताया है। मणिपुर सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे पर राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे से पता चलता है कि जनता का बढ़ता दबाव, सुप्रीम कोर्ट की जांच और कांग्रेस की ओर से अविश्वास प्रस्ताव ने उन्हें जवाबदेह बना दिया।
बीरेन सिंह के इस्तीफे पर क्या बोले राहुल
राहुल गांधी ने बीरेन सिंह के इस्तीफे को लेकर एक्स पर पोस्ट लिखा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लिखा, ‘करीब दो साल तक बीजेपी के सीएम बीरेन सिंह ने मणिपुर में विभाजन को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर में हिंसा, जानमाल के नुकसान और आइडिया ऑफ इंडिया के विनाश के बावजूद उन्हें बने रहने की अनुमति दी। सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे से पता चलता है कि बढ़ते जन दबाव, सुप्रीम कोर्ट की जांच और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव ने फैसले पर मजबूर कर दिया है।’
‘पीएम मोदी को तुरंत मणिपुर का दौरा करना चाहिए’
राहुल गांधी ने आगे कहा कि लेकिन सबसे जरूरी प्राथमिकता राज्य में शांति बहाल करना और मणिपुर के लोगों के जख्मों पर मरहम लगाना है। पीएम मोदी को तुरंत मणिपुर का दौरा करना चाहिए, लोगों की बात सुननी चाहिए और अंत में सामान्य स्थिति वापस लाने की अपनी योजना के बारे में बताना चाहिए।’ मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार शाम को अचानक राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके कुछ ही देर बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यह प्रतिक्रिया दी।
मणिपुर सीएम ने माहौल को भांपते हुए दिया इस्तीफा- जयराम
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी बीरेन सिंह के इस्तीफे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सोमवार को मणिपुर विधानसभा में सिंह और उनकी मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तैयार है। जयराम रमेश एक्स पोस्ट में कहा, ‘मणिपुर के मुख्यमंत्री ने माहौल को भांपते हुए इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस मणिपुर में हिंसा भड़कने पर मई 2023 की शुरुआत से इसकी मांग कर रही थी। मुख्यमंत्री का इस्तीफा देर से दिया गया। अब मणिपुर के लोग लगातार विदेश यात्रा करने वाले हमारे प्रधानमंत्री के दौरे का इंतजार कर रहे हैं, जो फ्रांस और अमेरिका की यात्रा पर (जाने वाले) हैं और जिन्हें पिछले 20 महीने में मणिपुर जाने के लिए न तो समय मिला है और न ही उनकी इच्छा है।
