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Wednesday, June 3, 2026
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दिल्ली की इन 24 सीटों पर रहा नजदीकी मुकाबला, ओवैसी की पार्टी ने तो बड़ा खेल कर दिया

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नई दिल्ली

दिल्ली में इस बार विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक करीबी मुकाबला देखने को मिला। कुल 70 सीटों में एक तिहाई से अधिक सीटों पर जीत का अंतर 10,000 वोट से कम का रहा। 2020 के चुनावों में 17 सीटों पर जीत का अंतर 10,000 से कम था, जबकि इस बार कांटे की टक्कर वाली सीटों की संख्या बढ़कर 24 हो गई। कांग्रेस का फिर से उभार, बीजेपी और आप दोनों की ओर से मैदान में उतारे गए दलबदलू उम्मीदवार के साथ ही असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया।

दो सीटों पर 500 से कम वोटों से फैसला
चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, संगम विहार और त्रिलोकपुरी दो निर्वाचन क्षेत्रों में 500 से कम वोटों से जीत का अंतर रहा। इसके विपरीत, 2020 के चुनावों में इतने कम अंतर वाली कोई सीट नहीं थी। पिछली बार की तरह, एक निर्वाचन क्षेत्र-जंगपुरा में 500-1,000 का अंतर देखा गया। हालांकि, 1,000 और 10,000 वोटों के बीच अंतर वाले निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 2020 में 16 की तुलना में बढ़कर 21 हो गई।

24 करीबी मुकाबलों में 16 में बीजेपी जीती
10,000 से कम मतों के अंतर से तय 24 सीटों में से बीजेपी ने 16 और आप ने आठ सीटें जीतीं। 2020 में आप ने ऐसी 17 सीटों में से 13 पर जीत हासिल की थी। जबकि शेष चार बीजेपी के खाते में गई थीं। मौजूदा आप ने इनमें से अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों को इस आधार पर बदल दिया कि यदि वे आप लहर के पीक पर संघर्ष करते हैं, तो वे कठिन चुनाव में 10 साल की सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं कर पाएंगे।

AAP की नहीं चली रणनीति
हालांकि, उम्मीदवार बदलने की AAP की रणनीति काम नहीं आई। बीजेपी ने उन 17 विधानसभा सीटों में से 15 पर जीत हासिल की, जहां आप ने मौजूदा विधायकों को मैदान में नहीं उतारा था। हालांकि, पार्टी ने किराड़ी और बदरपुर को बीजेपी से छीन लिया। किराड़ी में आप ने बीजेपी से आए दलबदलू को टिकट दिया था। उन्होंने 21,871 के अंतर से किराड़ी में जीत हासिल की। बदरपुर में उसने उम्मीदवार को फिर से खड़ा किया और 25,888 के अंतर से यहां जीत हासिल की।

AIMIM ने किया खेल
कांग्रेस की मौजूदगी तो जगजाहिर है, लेकिन मुस्लिम बहुल ओखला और मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्रों में AIMIM का प्रभाव भी साफ दिखाई दिया। ओवैसी की पार्टी ने जेल में बंद शिफा उर रहमान खान (ओखला) और ताहिर हुसैन (मुस्तफाबाद) को मैदान में उतारा, जिन्हें जमानत मिल गई।

मुस्तफाबाद में मुस्लिम वोट बंट गए और बीजेपी ने AAP से यह सीट छीन ली। यहां मोहन सिंह बिष्ट 17,578 वोटों से विजयी हुए। AAP ओखला सीट पर कब्जा बरकरार रखने में कामयाब रही। हालांकि मौजूदा विधायक अमानतुल्लाह खान की जीत का अंतर 71,827 से घटकर 23,639 वोट रह गया। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस चौथे स्थान पर खिसक गई। यहां AIMIM उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।

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