भोपाल।
“उग उगा हो सुरुज देवा” “करवा के पात तर उगहो सूरज देवा”, जैसे मधुरिम लोकगीतों के साथ भक्तिमय एवं आस्था के साथ पूर्ण पवित्रता से बिहार तथा उत्तर भारत का सबसे बड़ा त्यौहार बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल द्वारा आयोजित चैत्र छठ के चौथे दिन शुक्रवार को उषा काल में सूर्यदेव की आराधना हेतु उदयाचल सूर्य को अरघ देकर पारण किया गया।
अध्यक्ष सतेन्द्र कुमार ने कहा कि छठी मैया के इस महापर्व में साक्षात देव सूर्य भगवान को बाँस के बने सूप में ठेकुआ, गन्ना, संतरा, सेव, केला, नारियल, पुआ, लडुआ जैसे प्रकृति प्रदत प्रसाद को जल कुंड में खड़े होकर उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। अर्घ्य देते समय श्रद्धालू भक्त एवं परिजनों ने दूध ढारकर भगवान सूर्य की आराधना एवं छठी मैया की उपासना किया।
