7 C
London
Wednesday, March 18, 2026
Homeराज्यसामने है 2027 का विधानसभा चुनाव, और UP में प्रदेश अध्यक्ष पर...

सामने है 2027 का विधानसभा चुनाव, और UP में प्रदेश अध्यक्ष पर फंसा पेंच… जानें क्या है पूरा माजरा

Published on

नई दिल्ली,

बीजेपी में इस वक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जो असमंजस की स्थिति बनी हुई है, उसके पीछे उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में फंस रही पेंच भी एक वजह मानी जा रही है. जब तक उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा नहीं हो जाती, तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष की ताजपोशी भी टलती नजर आ रही है.

हालांकि, बीजेपी के कुछ जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष के चुनावों को जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, दोनों प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं. बावजूद इसके, उत्तर प्रदेश को लेकर पार्टी की अतिरिक्त सतर्कता साफ दिखाई दे रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहती, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव में गलत संदेश जाए.

सवर्ण प्रदेश अध्यक्ष चुनने का जोखिम नहीं उठा रही पार्टी
बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अखिलेश यादव का PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ है. यही वजह है कि पार्टी अब तक कोई सवर्ण प्रदेश अध्यक्ष चुनने का जोखिम नहीं उठा रही. अखिलेश यादव लगातार पिछड़े और दलित वर्ग के मुद्दों को लेकर बीजेपी पर दबाव बना रहे हैं. उनकी रणनीति ने बीजेपी को नेतृत्व चयन में उलझा दिया है.

दलित वोट बैंक को लेकर भी बीजेपी पर दबाव बना हुआ है, खासकर रामजीलाल सुमन के घर पर हमले और करणी सेना द्वारा आगरा में तलवारें लहराने जैसी घटनाओं के बाद पार्टी रक्षात्मक हो गई है. अखिलेश यादव हर रोज बीजेपी सरकार को “ठाकुरों की सरकार” कहकर निशाना बना रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसलों को ठाकुरवाद से जोड़ रहे हैं. ऐसे माहौल में प्रदेश अध्यक्ष पर फैसला टालना ही पार्टी के लिए सुरक्षित विकल्प लग रहा है.

OBC या दलित नेता की तलाश में है बीजेपी?
पार्टी सूत्रों की मानें तो बीजेपी 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक ऐसे मजबूत और सक्रिय OBC या दलित नेता की तलाश में है जो अखिलेश यादव के PDA कार्ड की काट बन सके. इस मसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह से विचार-विमर्श हो चुका है. संगठन स्तर पर भी कई नामों पर सुझाव मंगाए गए हैं, लेकिन अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को ही लेना है.

OBC वर्ग से जिन नामों की चर्चा है, उनमें लोध बिरादरी से आने वाले पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा सबसे आगे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद माने जा रहे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (कुर्मी बिरादरी) का नाम भी चर्चा में है. ब्राह्मण चेहरे के तौर पर दिनेश शर्मा का नाम योगी की पसंद बताया जा रहा है.

OBC नेता को कमान मिलने की संभावना सबसे ज्यादा प्रबल
OBC वर्ग से ही साध्वी ज्योति निरंजन और बाबूराम निषाद के नाम भी चर्चा में हैं. वहीं, दलित वर्ग से विद्यासागर सोनकर और विनोद सोनकर के नामों पर भी मंथन चल रहा है. खास बात यह है कि बीजेपी दलितों में पासी बिरादरी को भी साधने की रणनीति पर विचार कर रही है. बीजेपी के अंदरूनी जानकारों की मानें तो इस बार प्रदेश अध्यक्ष का पद किसी OBC नेता को मिलने की संभावना सबसे ज्यादा है.

Latest articles

इंटक में  तौहीद सिद्दीकी को मिली अहम जिम्मेदारी

भोपाल मप्र नगरीय निकाय श्रमिक कर्मचारी संघ (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष अशोक गोस्वामी द्वारा संगठन...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात, राजस्थान में अक्षय ऊर्जा के विस्तार पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय...

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर अब एनएमडीसी के बोर्ड में शामिल, भारत सरकार ने जारी किया आदेश,5 साल के लिए निदेशक (कार्मिक) के...

नई दिल्ली।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड  के अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान निदेशक (एचआर) कृष्ण...

महर्षि गौतम भवन में जुटेगा समाज, 19 मार्च को होगा भव्य समारोह

भोपाल राजधानी के महर्षि गौतम भवन में आगामी 19 मार्च 2026 को एक भव्य और...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात, राजस्थान में अक्षय ऊर्जा के विस्तार पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...