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Thursday, May 7, 2026
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कश्मीर में पहले से सक्रिय थे पहलगाम हमले के 3 आतंकी, पहचान छिपाने के लिए इन कोड नामों का कर रहे थे इस्तेमाल

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नई दिल्ली:

पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि हमला करने वाले आतंकवादी कोड नामों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये कोड नाम थे मूसा, यूनुस और आसिफ। इन नामों का इस्तेमाल उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए किया। इस हमले में 28 लोग मारे गए हैं और 16 लोग जख्मी हुए हैं,जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं। जांच में पता चला है कि तीन आतंकवादियों के असली नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तलहा हैं। माना जा रहा है कि ये सभी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नाम के आतंकी संगठन के दहशतगर्द हैं। टीआरएफ, लश्कर-ए-तैयबा का ही एक फ्रेंचाइजी संगठन है। अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों पहले पुंछ इलाके में सक्रिय थे। उन्होंने वहां भी कई आतंकी हमले किए थे। वैसे रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में कुल 6 आतंकी शामिल थे,जिनमें से चार की तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं।

भ्रमित करने के लिए नकली नाम का इस्तेमाल
आतंकवादियों की ओर से नकली नामों का इस्तेमाल करना कोई नई बात नहीं है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन नामों का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि लोगों को भ्रमित किया जा सके, पकड़े जाने से बचा जा सके और अलग-अलग आतंकी संगठनों में अलग-अलग पहचान बनाई जा सके। पहलगाम हमले में बचे लोगों ने पुलिस को कुछ जानकारी दी है, उसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले तीनों संदिग्धों के स्केच जारी किए थे। बाद में उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं,जिनमें कुल चार दिख रहे हैं।

हमलावरों को पकड़ने की कोशिश जारी
पहलगाम में यह हमला मंगलवार को दोपहर 1:30 बजे हुआ था। जगह थी पहलगाम के पास खूबसूरत बैसारन घास का मैदान। हमले में बचे लोगों ने बताया कि हमलावर भारतीय सेना की वर्दी पहने हुए थे। उन्होंने लोगों से उनका धर्म पूछा और इस्लामिक आयतें सुनाने को कहा। इसके बाद उन्होंने गोली मारनी शुरू कर दी। भारतीय सेना की चिनार कोर ने कहा है कि ‘हमलावरों को पकड़ने के लिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।’

जवाब बहुत सख्त होगा- अमित शाह
इस बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा, ‘यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, बल्कि कश्मीर की शांति और तरक्की पर भी है। इसका जवाब बहुत सख्त होगा।’ मतलब, सरकार इस हमले को बहुत गंभीरता से ले रही है और इसकी जबरदस्त जवाबी कार्रवाई हो सकती है। सरकार का कहना है कि कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। अमित शाह मंगलवार शाम को ही कश्मीर पहुंच गए थे। जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश होने की वजह से सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।

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