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Wednesday, March 11, 2026
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झुंझुनूं के नये पुलिस कप्तान का चर्चा में बने रहना शगल, पत्नी BJP नेता तो खुद ‘काजल की कोठरी’ से निकले

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झुंझुनूं

राजस्थान के शेखावाटी अंचल और विशेष तौर पर झुंझुनूं जिले के लिए एक बड़ी खबर है। इसी साल आईपीएस बने लोकेश सोनवाल को झुंझुनूं का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। कार्मिक विभाग की ओर से मंगलवार को जारी की गई तबादला सूची में चार आईपीएस अधिकारियों के नाम थे, जिनमें से एक है लोकेश सोनवाल, जिन्हें जयपुर एसओजी से ट्रांसफर कर झुंझुनूं भेजा गया है। बता दें कि सात दिन पहले 13 मई को एसपी शरद चौधरी को अचानक एपीओ किया गया था। इसके बाद झुंझुनूं में एसपी का पद खाली था। एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत कार्यवाहक एसपी के तौर पर कार्य देख रहे थे।

बतौर पुलिस कप्तान पहली तैनाती
एसपी के तौर पर लोकेश सोनवाल की यह पहली तैनाती होगी। अभी सोनवाल फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीकानेर यात्रा में कानून व्यवस्था की ड्यूटी में लगे हैं, जिसके बाद वे 22 या 23 मई को झुंझुनूं में पदभार संभालेंगे।

सोनवाल का फैमिली बैकग्राउंड जानिए
लोकेश सोनवाल के दादा रामदेव सोनवाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिन्होंने प्रजामंडल आंदोलन में भाग लिया था। उनके पिता रामधन सोनवाल समाजसेवा में सक्रिय रहे और राजस्थान विधानसभा के उप सचिव के पद पर कार्यरत रहे।

पत्नी कांता सोनावाल भाजपा की नेता
मीडिया रिपोटर्स की मानें तो उनकी पत्नी एडवोकेट कांता सोनवाल भाजपा की नेता है। वे बगरू विधानसभा से भाजपा की टिकट मांग रही थी। लेकिन उन्हें नहीं मिला। मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, वर्तमान में वे भाजपा जयपुर देहात दक्षिण की जिला महामंत्री है। वे पार्षद रह चुकी हैं और अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी में भी सक्रिय हैं। लोकेश सोनवाल क्रिकेट के शौकिन है। लोकेश सोनवाल अक्सर क्रिकेट खेलते है। साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में भी हमेशा भागीदार रहते है। वे जनता से जुड़कर पुलिसिंग करते है।

आईपीएस लोकेश सोनवाल से जुड़ी कुछ खास बातें…
क्रिकेट के शौकीन हैं और सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। पुलिसिंग में जनता से सीधे संवाद को प्राथमिकता देते हैं।2013-14 के मंथली वसूली प्रकरण में नाम आया था, लेकिन कोर्ट से बरी होने के बाद उनका प्रमोशन अटका रहा। संशोधित वरिष्ठता सूची में शामिल होने के बाद इस साल उन्हें आईपीएस प्रमोशन मिला और अब पहली बार एसपी बने हैं।

दिलचस्प बात यह है कि जिन 24 आरपीएस अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे गए थे। इनमें पीयूष दीक्षित का नाम आठवें नंबर पर था। लेकिन लोकेश सोनवाल का नाम संशोधित वरिष्ठता सूची में जुड़ने से पीयूष दीक्षित नौवें नंबर पर चले गए। इस वजह से आठ खाली पदों पर शीर्ष सौभाग्यशाली आठ अधिकारियों का ही प्रमोशन हो पाया। इनमें लोकेश सोनवाल का नाम भी था।

झुंझुनूं एसपी का इतिहास: गत 11 सालों में 14 आईपीएस आए, इनमें 11 प्रमोटी
झुंझुनूं में लगातार प्रमोटी अफसरों की पोस्टिंग होती रही है, और लोकेश सोनवाल इस कड़ी के 11वें प्रमोटी आईपीएस हैं। ऐसे में झुंझुनूं में लगातार प्रमोटी आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग का सिलसिला लोकेश सोनवाल के आदेशों के साथ भी जारी रहा। पिछले 11 सालों की बात करें तो झुंझुनूं जिले में 14 एसपी आए। लेकिन इनमें 11 तो आरपीएस से आईपीएस बने अधिकारी शामिल हैं। वहीं लोकेश सोनवाल चौथे ऐसे आईपीएस हैं, जिन्हें पदोन्नत करने के बाद किसी जिले में पहली बार एसपी के तौर पर पदस्थापित किया गया है। इससे पहले मनीष अग्रवाल, मनीष त्रिपाठी, ज्ञानचंद्र यादव भी पहली बार किसी जिले में एसपी के पद पर पदस्थापित किए गए थे। तो वो झुंझुनूं ही था। मनीष त्रिपाठी को तो प्रमोशन के बाद ही झुंझुनूं में सीधा लगाया गया था। तो मनीष अग्रवाल और ज्ञानचंद्र यादव प्रमोशन के बाद जयपुर कमिश्नरेट में सेवा देने के बाद झुंझुनूं आए थे।

लोकेश सोनवाल भी प्रमोशन होने के बाद जयपुर एसओजी में लगाए गए। अब उन्हें झुंझुनूं लगाया गया है। बीते 11 सालों में गौरव यादव, मृदुल कच्छावा और राजर्षि राज वर्मा ही डायरेक्ट आईपीएस सेवा थे। जो झुंझुनूं में एसपी लगाए गए थे। तो वहीं सुरेंद्र कुमार गुप्ता, राजेंद्रप्रसाद गोयल, जगदीशचंद्र शर्मा, मनीष त्रिपाठी, प्रदीप मोहन शर्मा, श्याम सिंह, देवेंद्र कुमार विश्नोई, ज्ञानचंद्र यादव, शरद चौधरी के बाद लोकेश सोनवाल 11वें आईपीएस है। जो आरपीएस से प्रमोट होकर आईपीएस बने हैं और झुंझुनूं में एसपी लगे हैं।

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