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ओंकारेश्वर के नर्मदा घाट में दर्दनाक हादसा; नदी में डूबने से कानपुर से आए युवक की मौत, एक सप्ताह में तीसरी घटना

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खंडवा

तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर शनिवार को बड़ा हादसा हुआ। कानपुर से आए तीर्थ यात्रियों के दल में से नहाने के दौरान तीन युवा के पानी में बह गए इसमें से दो लोगों को तो बचा लिया गया लेकिन एक युवक को नहीं बचाया जा सका। इससे तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर में एक बार फिर से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

दरअसल, 20 लोगों का एक दल कानपुर से ओमकारेश्वर दर्शन करने के लिए आया हुआ था। शनिवार को नहाने के दौरान तीन युवक पानी में बहने लगे। घाट में मौजूद गोताखोरों ने तीन में से दो लोगों को तो बचा लिया लेकिन तीसरे युवक कृष्ण साहू को नहीं बचा पाए। वह पानी की तेज भाव में काफी दूर चला गया। काफी देर तक उसकी तलाश करने के बाद उसकी डेड बॉडी ही पानी से बाहर निकली।

तीर्थ आने की खुशी मातम में बदली
घटना के बाद परिवार के लोगों में मायूसी और जबरदस्त तरीके से मानसिक संताप देखा जा रहा है। कानपुर से खुशी-खुशी ओंकारेश्वर दर्शन करने के लिए पूरा जत्था आया हुआ हुआ था। लेकिन जब यह हादसा हुआ तब उनकी खुशियां मातम में बदल गई। घटना के बाद से लोगों के मन में दुख के अलावा कुछ नहीं बचा है।

एक सप्ताह के भीतर है यह तीसरी घटना
ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट में शनिवार की यह घटना कोई नया हादसा नहीं है। बल्कि यह एक सप्ताह के भीतर घटी तीसरी दुखद घटना है। 2 दिन पहले एक 17 वर्षीय बालक देवांश और उसके एक दिन पहले राजदीप नाम की युवक की इसी ब्रह्मपुरी घाट पर डूबने से दुखद मौत हो गई थी। इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन की घटना को लेकर अलर्ट नहीं हुआ है।

स्थानीय नाविक संघ ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
ओंकारेश्वर में लगातार नर्मदा के घाटों पर हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय नाविक संघ ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ओंकारेश्वर नाविक संघ के सचिव अरुण वर्मा ने कहा कि जब से नर्मदा पर बांध बना है तब से यह हादसे लगातार होते जा रहे हैं। क्योंकि बांध से पानी छोड़ने की कोई समय सीमा नहीं होती है। इस कारण हर घाटों पर अलग-अलग वाटर लेवल रहता है। वाटर लेवल कम ज्यादा होने के कारण घाटों पर गहराई का पता नहीं चल पाता और बाहर से आने वाले लोग इस तरह के हादसे का शिकार हो जाते हैं।

घाटों से दूर नहाने क्यों जा रहे हैं लोग
नर्मदा के ब्रह्मपुरी सहित ऐसे कई घाट हैं। इनमें होटल और अन्य धर्मशालाओं का गंदा पानी आकर मिलता रहता है। इस कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालु इन चीजों को देखकर घाट में दूर जाकर स्नान करते हैं। दूर जाने के कारण अक्सर इस तरह के हादसे का शिकार लोग हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को सफाई को लेकर सख्ती नहीं दिखा रही है।

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