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बिहार के छोरों ने रचा इतिहास, बना डाला वर्ल्ड रिकॉर्ड! पर हर्षा भोगले क्यों हुए ‘टेंशन’ में? बोले- जश्न मनाने की ज़रूरत नहीं…

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बिहार क्रिकेट टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। बिहार के बल्लेबाजों ने रनों का ऐसा ‘कत्लेआम’ मचाया कि क्रिकेट की दुनिया दंग रह गई। लेकिन इस ऐतिहासिक स्कोर और वर्ल्ड रिकॉर्ड पर दिग्गज कमेंटेटर हर्षा भोगले (Harsha Bhogle) खुश होने के बजाय ‘टेंशन’ में नज़र आ रहे हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन को भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए एक खतरे की घंटी बताया है।

बिहार का ‘विराट’ वर्ल्ड रिकॉर्ड (List A Cricket History)

अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैच में बिहार के बल्लेबाजों ने गदर मचाते हुए 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 574 रन बना डाले। यह लिस्ट ए क्रिकेट (List A Cricket) के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। बिहार की इस ‘रन मशीन’ के सामने विपक्षी गेंदबाज मैदान पर पानी मांगते नज़र आए। इस स्कोर के साथ ही बिहार ने विश्व क्रिकेट में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी बहस भी शुरू हो गई है।

वैभव और साकिबुल का मैदान पर ‘तूफान’

इस ऐतिहासिक पारी के असली हीरो रहे 14 साल के वैभव सूर्यवंशी और कप्तान साकिबुल गनी। वैभव ने सिर्फ़ 84 गेंदों में 190 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। वहीं कप्तान साकिबुल गनी ने तो हद ही कर दी; उन्होंने महज़ 40 गेंदों में 128 रन कूट दिए। इनके अलावा विकेटकीपर आयुष ने भी 56 गेंदों में 116 रनों का विस्फोटक योगदान दिया, जिसकी बदौलत टीम 574 के पहाड़ जैसे स्कोर तक पहुँच सकी।

हर्षा भोगले की ‘टेंशन’ और कड़वा ट्वीट

जहाँ पूरा बिहार इस जीत का जश्न मना रहा है, वहीं क्रिकेट एक्सपर्ट हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया (X) पर एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने लिखा, “बिहार द्वारा 50 ओवर में 574 रन बनाना जश्न मनाने वाली बात नहीं है। यह हमारे डोमेस्टिक क्रिकेट के स्तर को लेकर एक चिंताजनक संकेत है।” हर्षा के इस ट्वीट से साफ़ है कि वह घरेलू क्रिकेट में टीमों के बीच बढ़ते असंतुलन को लेकर काफी परेशान हैं।

गेंदबाजी के गिरते स्तर पर उठे गंभीर सवाल

हर्षा भोगले की चिंता की असली वजह घरेलू टूर्नामेंट्स में गेंदबाजी का स्तर है। उनका मानना है कि अगर किसी मैच में 500 से ज़्यादा रन बन रहे हैं, तो यह बल्लेबाजों की ताकत से ज़्यादा गेंदबाजों की लाचारी को दर्शाता है। ऐसे एकतरफा मुकाबले न तो खिलाड़ियों के विकास के लिए अच्छे हैं और न ही क्रिकेट की गुणवत्ता के लिए। अरुणाचल प्रदेश जैसी टीमों की कमजोर गेंदबाजी के खिलाफ बने ये रिकॉर्ड्स असलियत को छुपा सकते हैं।

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तमिलनाडु का 3 साल पुराना रिकॉर्ड हुआ ‘चकनाचूर’

बिहार ने इस विशाल स्कोर के साथ तमिलनाडु का साल 2022 का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। तमिलनाडु ने भी अरुणाचल प्रदेश के ही खिलाफ 506 रन बनाए थे, जिसे उस वक्त एक ‘अनब्रेकेबल’ रिकॉर्ड माना जा रहा था। बिहार ने अब उस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ते हुए 574 रन बनाकर इतिहास रच दिया है। हालांकि, हर्षा भोगले की टिप्पणी ने इस ऐतिहासिक जीत के स्वाद को थोड़ा फीका ज़रूर कर दिया है।

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