भोपाल
ईरान-इजराइल युद्ध के प्रभाव अब मध्यप्रदेश में भी दिखाई देने लगे हैं। राजधानी भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोहों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। प्रशासन और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार ऑयल कंपनियों ने सोमवार से कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी है। मंगलवार को भी शहर में कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो सके। जिला फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह भदौरिया को गैस एजेंसियों ने प्लांट से सप्लाई नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तेल कंपनियों, फूड विभाग के अधिकारियों, गैस एजेंसी संचालकों और व्यापारियों की बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की। इस बीच भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी कलेक्टर से मिलने कलेक्टोरेट पहुंचे और कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बहाल करने की मांग की। संस्था के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने बताया कि भोपाल में करीब 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। यदि सप्लाई बंद रही तो भोजन और नाश्ता बनाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़े होटल और बार में एक बार में 10 से 15 सिलेंडर तक उपयोग होते हैं, जबकि छोटे होटल-रेस्टोरेंट में 2 से 4 सिलेंडर लगते हैं। फिलहाल जिनके पास स्टॉक है, वे काम चला रहे हैं, लेकिन अगले दो दिन में स्टॉक खत्म होने पर होटल-रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है।
वहीं घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे और महीने में एक से अधिक सिलेंडर नहीं मिलेगा। प्रदेश में सवा करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। भोपाल में प्रतिदिन लगभग 15 हजार सिलेंडर की सप्लाई होती है, जबकि इंदौर में 25 हजार और जबलपुर में 20 से 25 हजार सिलेंडर प्रतिदिन वितरित किए जाते हैं। मार्च में विवाह सीजन होने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फेडरेशन ऑफ एमपी टेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रिंकू भटेजा के अनुसार भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में मार्च में 1 हजार से अधिक शादियां तय हैं, जिनमें भोजन तैयार करने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग होता है। उधर, मंगलवार को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
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