जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जालौर के पंसेरी में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल’ कार्यक्रम के दौरान किसानों और पशुपालकों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘जैविक खेती’ को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग न केवल मिट्टी की उर्वरता को नष्ट कर रहा है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नवाचारों को जोड़ें।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे खेती को केवल निर्वाह का साधन न समझें, बल्कि इसे एक आधुनिक रोजगार के अवसर के रूप में देखें। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र की स्थानीय पैदावार के अनुसार छोटे स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स (प्रसंस्करण इकाइयां) स्थापित की जानी चाहिए। इससे न केवल फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार कृषि आधारित स्टार्टअप्स और उद्योगों को हर संभव मदद मुहैया कराएगी। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार बिजली, पानी और खाद जैसी बुनियादी जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में भिवाड़ी में प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन और अन्य औद्योगिक नीतियों के माध्यम से राज्य सरकार राजस्थान को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित VB-G RAM G अधिनियम, 2025 भी आगामी 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर (125 दिन की गारंटी) पैदा करेगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर ‘विकसित राजस्थान@2047’ के संकल्प को सिद्ध करने की अपील की।
