भोपाल। राजधानी के जंबूरी मैदान पर आयोजित ग्राम रोजगार सहायकों के महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई ऐतिहासिक और कल्याणकारी घोषणाएं की हैं। रोजगार सहायकों के हितों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सीएम ने एलान किया कि अब प्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) की आयु सीमा बढ़ाकर 62 वर्ष की जाएगी। इसके साथ ही महिला रोजगार सहायकों को प्रसूति, मातृत्व और ऐच्छिक अवकाश तथा पुरुष रोजगार सहायकों को 15 दिनों का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा।
सरकार ने रोजगार सहायकों को बड़ी कानूनी सुरक्षा देते हुए घोषणा की है कि यदि किसी कारणवश किसी रोजगार सहायक पर कोई आपराधिक मामला दर्ज होता है और बाद में वह निर्दोष सिद्ध होता है, तो उसे दोबारा नौकरी पर वापस रखने की शत-प्रतिशत गारंटी सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने रोजगार सहायकों की महत्ता को रेखांकित करते हुए उनकी तुलना ‘हनुमान जी’ से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह शरीर के भीतर आत्मा न हो तो शरीर बेकार हो जाता है, ठीक उसी तरह रोजगार सहायक के बिना पंचायतें भी बेकार हैं। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और पीएम नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के सपने को धरातल पर उतारने वाले असली ध्वजवाहक यही रोजगार सहायक हैं।
सीएम ने कहा कि कलेक्टर और एसपी जो काम नहीं कर सकते, वह ग्राम रोजगार सहायक अपनी बुद्धिमत्ता से गांव के गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए कर दिखाते हैं। पूर्व में सरकार द्वारा मानदेय को 9 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि पंचायत सचिव के रिक्त पदों पर भर्ती, आयु सीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे गंभीर विषयों पर भी जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
