जनगणना ड्यूटी वाले शिक्षकों के ट्रांसफर पर फरवरी 2027 तक रोक
भोपाल। मप्र में तबादले की अवधि नजदीक आते ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मोहन कैबिनेट के फैसले के बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी राज्य और जिला संवर्ग की नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने जिलों में पदस्थ अलग-अलग कैडर के अफसरों और कर्मचारियों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। सरकार ने नीति में साफ किया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी तय टारगेट अचीव नहीं कर पाता है, तो प्रशासनिक आधार पर उसे तीन साल की अवधि से पहले भी हटाया जा सकता है।
इसी कड़ी में लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग ने अपने इंजीनियरों की वर्तमान पोस्टिंग, पदनाम, गृह जिला, सेवानिवृत्ति तिथि और अतिरिक्त प्रभार की जानकारी मांगी है। इसके लिए जल संसाधन विभाग ने बाणसागर रीवा, मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन यंत्रियों को पत्र लिखकर तत्काल डेटा शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
उधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने एजुकेशन 3.0 पोर्टल पर हर विद्यालय में विषयवार पदस्थ शिक्षकों का सटीक ब्यौरा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वे सेवानिवृत्त या दिवंगत शिक्षकों के नाम सूची से हटाएं ताकि ट्रांसफर के समय अतिरिक्त पदस्थापना या विसंगति की स्थिति न बने। लोक शिक्षण आयुक्त इस पूरी प्रक्रिया की जिलावार समीक्षा 30 मई को करेंगे।
इसके साथ ही विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि जनगणना ड्यूटी में तैनात 58 हजार से अधिक शिक्षकों के तबादले फरवरी 2027 तक नहीं किए जाएंगे। ऐसे सभी शिक्षकों की जानकारी 1 जून 2026 तक एजुकेशन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
