भोपाल। नशे के लिए उपयोग की जाने वाली कफ सिरप का अवैध कारोबार किसी एक फैक्ट्री तक सीमित न होकर एक बड़े संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित हो रहा था। भोपाल के गांधी नगर में अवैध री-पैकिंग फैक्ट्री का पर्दाफाश होने के ठीक दो दिन बाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मुबारकपुर स्थित एक मकान से भारी मात्रा में कफ सिरप की शीशियां बरामद की हैं। एसटीएफ की यह सफलता गांधी नगर से पकड़े गए मुख्य आरोपी अकील खान और आकाश भाटी से पांच दिन की पुलिस रिमांड के दौरान हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद मिली।
मुबारकपुर के इस ठिकाने से टीम ने ‘ऑफ-कफ’ की 22,155 और ‘ऑनरेक्स’ कफ सिरप की 970 शीशियां जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹50 लाख आंकी गई है। गांधी नगर से पहले ही बरामद की जा चुकी 49,920 शीशियों को मिलाकर अब तक कुल 73,045 शीशियां (100-100 मिलीलीटर की कुल 7,305 लीटर कफ सिरप) जब्त हो चुकी हैं, जिसकी कुल अंतरराष्ट्रीय या बाजार कीमत ₹1.5 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। जांच में यह बात साफ हुई है कि इस गिरोह ने काम का बड़ा व्यवस्थित बंटवारा कर रखा था, जिसके तहत गांधी नगर की फैक्ट्री में कफ सिरप की बोतलों से पुराना बैच नंबर और एक्सपायरी डेट हटाकर री-पैकिंग का काम किया जाता था, जबकि मुबारकपुर के मकान का उपयोग माल के भंडारण (स्टोरेज) और सप्लाई चेन को ऑपरेट करने के लिए हो रहा था।
मुबारकपुर से बरामद सभी शीशियां अपने मूल रैपर और पैकेजिंग के साथ मिली हैं। पकड़े गए आरोपियों ने कबूला है कि यह नशीला नेटवर्क पिछले एक साल से बेहद सक्रिय था और मजे की बात यह है कि गांधी नगर से पकड़ा गया करीब 50 हजार शीशियों का जत्था महज एक सप्ताह का स्टॉक था। डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक, एसटीएफ अब केवल अवैध भंडारण या री-पैकिंग तक सीमित न रहकर इसके पूरे बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है।
