भोपाल। मध्यप्रदेश में दो से अधिक संतान संबंधी नियम के तहत पहली बार किसी राजपत्रित अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किए जाने का मामला सामने आया है। पंजीयन विभाग के महानिरीक्षक (आईजी) ने सिंगरौली में पदस्थ सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दो से अधिक संतान के आधार पर नौकरी नहीं जाने संबंधी घोषणा के महज 48 घंटे बाद सामने आई है।
विभागीय जांच में पाया गया कि शासकीय सेवा के दौरान परिहार की तीसरी संतान का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था, जो 10 मार्च 2000 की अधिसूचना के तहत लागू नियमों का उल्लंघन माना गया। जांच रिपोर्ट, जन्म संबंधी दस्तावेजों और कलेक्टर स्तर की संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरोप सही पाए गए। परिहार ने अपने जवाब में नियम की जानकारी नहीं होने की बात कही थी, लेकिन विभाग ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि वर्ष 1992 से शासकीय सेवा में रहने वाले अधिकारी के लिए नियमों की जानकारी नहीं होने का दावा स्वीकार्य नहीं है।
आदेश में आगर मालवा की शिक्षिका रहमत बानो मंसूरी और सीहोर जिले के शिक्षक हफीज बेग से जुड़े पूर्व मामलों का भी उल्लेख किया गया है। वहीं पंजीयन विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अभी तक कोई संशोधित शासकीय आदेश जारी नहीं हुआ है, इसलिए वर्तमान में प्रभावी नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है। हालांकि परिहार के पास विभागीय अपील और न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में दो से अधिक संतान संबंधी नियम और मुख्यमंत्री की हालिया घोषणा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
